२२ दिसम्बर, २०२१
फ्रांसके गृहमन्त्रीने वहांकी एक ‘मस्जिद’को ६ माहके लिए बन्द रखनेकी घोषणा की है । इसकी प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है । वहांके शासनका कहना है कि ‘इमाम’द्वारा कट्टरपन्थी ‘मजहबी’ भाषणको रोकनेके लिए ऐसा किया जा रहा है । ये घटना फ्रांसकी राजधानी पेरिससे १०० किलोमीटरकी दूरीपर उत्तरमें स्थित बिउवेस नगरकी है, जिसकी जनसंख्या लगभग ५० सहस्र है । शासनने कहा कि वहांके ‘मस्जिद’का ‘इमाम’ जिस प्रकारका भाषण दे रहा है, वह अस्वीकार्य है ।
फ्रांसके जिस ओसे क्षेत्रमें ये नगर स्थित है, वहांके प्रशासनने पूर्वमें ही घोषणा कर दी थी कि उक्त ‘मस्जिद’द्वारा जिस प्रकारसे हिंसा और घृणाको प्रोत्साहन देनेके साथ-साथ ‘जिहाद’का रक्षण करनेवाले ‘मजहबी’ वक्तव्य दिए जा रहे हैं, उस कारण उसे बन्द करनेकी प्रक्रिया आरम्भ की जा सकती है ।
जिस प्रकारसे वहां ‘इस्लामी’ कट्टरतामें वृद्धि हो रही है और शिक्षक सैमुअल पैटीकी ‘पैगम्बर मोहम्मद’के अपमानके आरोपमें ‘गला रेत’ कर हत्या कर दी गई, उसके पश्चातसे निरन्तर फ्रांसका शासन ‘इस्लामी कट्टरवाद’को लेकर कठोर है ।
जिस प्रकार फ्रांस अपने पन्थके रक्षण हेतु कठोर पग उठा रह है । इसी प्रकार भारतको भी अपने धर्मके रक्षण हेतु कठोर होना होगा; जिससे इन जिहादियोंको समय रहते नियन्त्रित किया जा सके । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply