जनवरी ३, २०१९
कांग्रेसके ऋणमुक्तिको लेकर मध्य प्रदेशके किसानोंमें क्रोध बढता जा रहा है । एकके बाद एक हो रहे भ्रष्टाचारको लेकर किसानोंने अब इसका विरोध प्रदर्शन करना भी आरम्भ कर दिया है । हिलगन गांवके किसानोंने राज्य शासनके ऋणमुक्तिकी सूचीमें बिना ऋण लिए नाम आनेपर सामूहिक आत्महत्या करनेकी चेतावनी दी है ! किसानोंका कहना है कि उनपर कोई ऋण नहीं था । कई अन्य किसानोंका कहना है कि उन्होंने ऋण अल्प लिया था और सूचिमें ऋणकी राशिको बढाकर दिखाया गया !
सूचिको लेकर क्रोधित किसानोंने पंचायत कार्यालयमें एकत्र होकर सूचिके विरूद्ध अपना विरोध प्रदर्शन किया । प्रदर्शन कर रहे किसान रामकुमार सिंहने कहा, “यदि इसको शीघ्र ही सुलझाया नहीं गया तो हम सामूहिक आत्महत्या कर लेंगें ।” बता दें कि उनके नामपर ऋणकी बडी राशि लिखी गई और उनके पिताका नाम भी इस सूचिमें सम्मिलित है, जिनकी कुछ वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है !
जय किसान ऋण मुक्ति योजनाके अन्तर्गत सूचिमें रामकुमार सिंहके पिताके नामपर ₹९,५४७ का ऋण, जबकि उनके नामपर ₹७०,४८१ का ऋण लिख दिया गया । उन्होंने कहा कि चनेकी उपजके लिए उन्होंने केवल ₹१७,००० का ऋण लिया था, जबकि उनके पिताने कोई ऋण नहीं लिया था !
“जब कांग्रेस शासन देशकी जनताका कुछ हित करनेका विचार करें तो ऐसा होना साधारणसी बात ही है । यह तो तब ही सम्भावित था जब राहुल गांधीने एकसे दस गिनतीकर कहा था कि यूं ऋण मुक्त कर देंगें ! देशका हित तभी सम्भव है, जब स्वहितसे मनुष्य तृप्त हो । कांग्रेस स्वहितसे ही तृप्त नहीं हो पाती तो कि किसानोंका कैसे कर सकती है ?”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : फर्स्टपोस्ट
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