मुबारक अली और रफीकने दो गर्भवती गायोंको चुराकर मार डाला, किसानने कटे सिर तथा पांवसे किया अभिज्ञान
२६ मई, २०२१
तमिलनाडुके गुडियाथममें अरी नामक किसानकी दो गर्भवती गायोंके २३ मई, २०२१ रविवारको लुप्त होनेके पश्चात पडोसमें हत्या कर दी गई । ‘कम्युन’ ब्यौरेने इसकी जानकारी दी ।
अरीने अपने निवासके बाहर ‘शेड’में अपनी गायोंको बांधा था । गायोंको वहांसे लुप्त पाए जानेके पश्चात अरी उन्हें ढूंढने निकल पडा । किसानने कैद-ए-मिल्लत क्षेत्रतक गायोंके पांवोंके चिह्नोंसे उसका अभिज्ञान किया । कुछ समय पूर्व वर्षा हुई थी, तो पांवोंके चिह्नोंके माध्यमसे अभिज्ञान करना सरल था; यद्यपि जब अरी पांवके चिह्नोंका पीछा करते हुए वहां गया, तो उसे वहांपर गायके पांव तथा कटा हुआ सिर प्राप्त हुआ !
अरीने तत्पश्चात गुडियाथम तालुका ‘पुलिस’में एक आधिकारिक प्राथमिक प्रविष्ट कराई तथा थानाधिकारी सुरेश बाबूने प्रकरणकी अन्वेषणके आदेश दिए । अन्वेषण करनेपर ज्ञात हुआ कि गुडियाथमके चित्तूर गेट क्षेत्रके एक पुलिस अधिकारीका २८ वर्षीय पुत्र मुबारक अली तथा अपने ३६ वर्षीय भाई रफीकके साथ उसी क्षेत्रमें कसाईकी आपणिका स्वामी गर्भवती गायोंकी चोरी तथा हत्यामें सम्मिलित था । मुबारक अलीको बन्दी बना लिया गया है, वहीं ‘पुलिस’ रफीकको ढूंढ रही है ।
हिन्दू प्रतीकोंको अपमानित करना या उन्हें क्षति पहुंचाना, धर्मान्धोंको रुचिकर लगता है । इस हेतु वे किसी भी सीमातक जा सकते हैं । गोहत्या भी वे इसी कारण करते हैं । भारत शासन आधिकारिक घोषणाकर गोमाताको राष्ट्रमाताका स्थान दे और गोहत्यापर मृत्युदण्डका प्रावधान करे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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