अगस्त २६, २०१८
लखनऊके गांधी सभागारमें आयोजित सपा नेता भगवती सिंहके जन्मदिवसके अवसरपर मुलायम सिंहने अपने सम्बोधनमें कहा कि ऐसा समय आ गया है, जब मेरा कोई सम्मान नहीं करता है; लेकिन शायद मेरी मृत्युके पश्चात लोग मेरा सम्मान करेंगे । मुलायम सिंहने कहा कि राम मनोहर लोहियाके साथ भी ऐसा ही हुआ था । एक समय ऐसा आ गया था, जब वो भी कहा करते थे कि इस देशमें जीवित रहते कोई सम्मान नहीं करता है ।
अपने सम्बोधनमें भगवती सिंहको लेकर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टीके गठनमें उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है । उन्होंने संगठनको सशक्त करनेके लिए बहुत कार्य किया है । उन जैसे नेताओंके प्रयासोंके कारण दल यहांतक पहुंच पाया है । इस कार्यक्रममें उन्होंने राम मनोहर लोहियाकी भी प्रशंसा की ।
गत वर्ष दल नेतृत्वको लेकर समाजवादी दलके भीतर जो हंगामा हुआ था, उसके पश्चात आपसी कलह खुलकर सामने आ गई थी । नेतृत्वको लेकर पिता और पुत्र न्यायालयतक पहुंच गए थे । अन्ततः अखिलेशको नेतृत्व मिला; लेकिन उस घटनाके पश्चात मुलायम सिंहकी वेदना कई अवसरपर देखी जा चूकी है ।
जब अखिलेशको दलका नेतृत्व मिला था उस समय मुलायम सिंहने कहा था कि पिताके सम्बन्धसे उनका आशीर्वाद सदैव अखिलेशके साथ है और रहेगा; लेकिन वैचारिक रूपसे मैं अखिलेशके निर्णयसे प्रसन्न नहीं हूं । बता दें, उस घटनाके पश्चात चाचा शिवपाल और अखिलेशके मध्य भी काफी अधिक दूरियां बढ चुकी हैं ।
गत दिवसोंमें शिवपाल यादवने महागठबन्धन और अखिलेशसे सम्बन्धित प्रश्नोंका उत्तर देते हुए कहा था कि अखिलेश अध्यक्ष हैं; इसलिए महागठबन्धनको लेकर अन्तिम निर्णय उनका होगा ।
“सहस्त्रों राम भक्तोंपर गोलियां चलवाकर मांंकी गोद सूनी करने वाला धर्मद्रोही अपने पुत्रसे सुखकी आशा कर रहा है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
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