जिस चिकित्सालयमें जीवित जलकर मर गए १३ रोगी, उसके पास नहीं था अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र, महाराष्ट्र शासनका एक और भ्रष्टाचार हुआ दृष्टिगत
२५ अप्रैल, २०२१
महाराष्ट्र मुम्बईके पालघर जनपदके पश्चिम विरार स्थित ‘विजय वल्लभ कोविड केयर सेंटर’के अति दक्षता विभागमें भीषण अग्निकाण्डसे १३ रुग्णोंकी अग्निमें जलकर मृत्यु हो गई । उद्धव शासनने इस घटनापर जांचके आदेश भी दिए हैं ।
जांचमें ज्ञात हुआ है कि इस चिकित्सालयमें ‘फायर ऑडिट’ किया गया था; परन्तु इसे अग्निशमन विभागकी ओरसे अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं हुआ था अर्थात इस चिकित्सालयको अनापत्ति प्रमाणपत्रके अभावमें ही सङ्चालित किया जा रहा था ।
मृतकोंके परिजनका आरोप है कि दुर्घटनाके समय चिकित्सालयका कोई कर्मचारी अतिदक्षता विभागमें उपस्थित नहीं था । ऐसा कहा जा रहा है कि उस समय वहां एक चिकित्सक तथा एक अन्य कर्मचारी उपस्थित था । पुलिस ‘सीसीटीवी फुटेज’ प्राप्तकर सत्य ज्ञात करनेका प्रयास कर रही है ।
मुम्बई पुलिसने चिकित्सालयके स्वामी, प्रशासकों, चिकित्सकों तथा सभी कर्मचारियोंके विरुद्ध धारा ३०४, ३३७, ३३८ तथा ३४ के अन्तर्गत प्राथमिकी प्रविष्ट कर ली है । अभीतक किसीको बन्दी नहीं बनाया गया है ।
यह भी ज्ञात किया जा रहा है कि चिकित्सालय प्रबन्धनके पास चिकित्सालय चलाने हेतु उचित अनुमति-पत्र भी था अथवा नहीं ।
महाराष्ट्र शासनकी भ्रष्टता इससे ज्ञात होती है । कुछ माह पूर्व भी एक ‘होटल’में आग लगनेके समाचार आए थे । वह ‘होटल’ भी अग्निशमन विभागके अनापत्ति प्रमाण पत्रके अभावमें ही सङ्चालित किया जा रहा था । महाराष्ट्र शासनके ऐसे भ्रष्ट नेता, चिकित्सालयोंके स्वामी तथा ऐसी दुर्घटनाओंमें लिप्त सभी कर्मचारी कठोर दण्डके पात्र होने चाहिए । महाराष्ट्र शासन स्वयं ही भ्रष्ट है; अतः इसमें केन्द्रको हस्तक्षेप करना ही चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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