मुसलमानी लडकीसे विवाह करनेपर लडकीके घरवालोंने की हिन्दू युवककी हत्या
देहलीके पास फरीदाबादमें एक हिन्दू युवकका, उसके मुसलामानी ससुराल पक्षद्वारा हत्याका प्रकरण सामने आया है । फरीदाबादके नेहरू कॉलोनीमें संजय नामके एक व्यक्तिका शव घरके पासके वनमें मिला है । प्रकरणकी जांच आरम्भ हुई तो पता लगा संजयने एक वर्ष पूर्व पडोसकी एक मुसलामानी लडकीसे विवाह किया था और यह विवाह ही इस हत्याका कारण बना; क्योंकि युवतीके परिजन विवाहके विरुद्ध थे और इन दोनोंने राजस्थान जाकर कानूनी विवाह कर वहीं रहने लगे थे । लडकीके घरवालोंने इन्हें फरीदाबाद बुलाया और किराएपर घर दिला दिया । इसी बीच रूकसरके घरवाले उनसे मिलने लगे । धीरे-धीरे लग रहा था सब ठीक हो गया । इसी मध्य संजयने अपने घरवालोंको बताया कि उसके ससुरालवाले उसे मुसलमान बननेके लिए दबाव डाल रहे है, परन्तु उसने इस्लाम अपनानेसे लिए मना कर दिया । इसके पश्चात लडकीने तलाककी मांग की और लगभग दो माह पूर्व दोनोंका तलाक हो गया । दोनों पृथक रह रहे थे; परन्तु दूरभाषपर बात करते रहते थे । इसी बीच संजय वापस राजस्थान चला गया । १५ अगस्तसे पहले रूकसरने दूरभाष करके संजयको फरीदाबाद ये कहकर बुलाया कि घरवाले मान गए हैं । ईदपर वो उसे विदा कर देंगे । संजय १५ अगस्तको फरीदाबाद आया और लडकीके भाई सलीमसे भेंट की । अगले दिवस १६ अगस्तको सलीम संजयके घर आया और घूमनेका बहाना करके उसे अपने साथ ले गया और उसे मार दिया । घर न लौटनेपर संजयके परिजनोंके पुलिसके पास पहुंची और आरोप है कि पुलिसने भी सहायता नहीं की । लगभग ५ दिवस पश्चात २१ अगस्तको संजयका शव दिखाई देनेपर पुलिस पहुचीं । इस प्रकरणमें पुलिसने रूकसरके भाई सलीम और उसके पिता समेत कुछ लोगोंको बन्दी बनाया है, जिसके पश्चात उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया कि वो इस विवाहके विरुद्ध थे; इसलिए उन्होंने संजयकी हत्या कर दी !
धर्मान्धके लिए सम्बन्धोंका कोई महत्त्व नहीं होता, उनके लिए इस्लाम ही सब कुछ होता है और जो इस्लाम स्वीकार न करे तो वे उसकी हत्या करनेसे तनिक भी नहीं हिचकते हैं, चाहे वे उनके अपने जमाता (दामाद) ही क्यों हों !
प्रतिवर्ष सहस्रों हिन्दू युवतियोंको ‘लव जिहाद’ अन्तर्गत मुसलमान बनाया जाता है, उनका शारीरिक शोषण किया जाता है, कुछको वैश्यावृत्तिमें धकेला जाता है, अनेक हिन्दू युवतियोंको गर्भवती कर उसे छोड दिया जाता है, तब भी यह हिन्दू समाज, धर्मान्धोंके विरुद्ध कुछ नहीं करता है ! और धर्मान्धकी एक युवती यदि किसी हिन्दूसे विवाह कर ले तो उसके पतिकी हत्या कर दी जाती है, फरीदाबादका यह प्रकरण, कोई प्रथम प्रकरण नहीं है । अधिकांशत: मुसलमानी युवतीसे विवाह करनेका परिणाम यही होता है, यह समाचार उजागर हो गया और अधिकांश ऐसे समाचार उजागर नहीं होते हैं ! – तनुजा ठाकुर (२७.८.२०१८)
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