विवाहके पश्चात हिन्दू प्रेमीने नहीं स्वीकारा इस्लाम तो अपने माता पिताके घर लौटी नाजरा


०८ जनवरी, २०२१
    उत्तर प्रदेशके औरैया जनपदमें एक १९ वर्षीय मुसलमान युवती नाजरा हिन्दू युवकके साथ लुप्त हो गई थी । पुलिसको प्रकरणका परिवाद युवतीके परिवारद्वारा अपहरणके अन्तर्गत किया गया । युवती अब अपने घर लौट चुकी है तथा अपहरणके प्रकरणको निरस्त कर दिया गया है । युवतीका हिन्दू युवकके साथ प्रेमप्रसंग अत्यधिक समय से चल रहा था । परिजनके विरोधके कारण दोनोंने एक साथ घर छोड दिया था तथा औरैया जनपदके आर्य समाज मन्दिरमें विवाह कर लिया । ‘सब इंस्पेक्टर’ देवी सहाय वर्माके अनुसार, नाजरा नामक मुसलमान युवतीने पुलिससे चर्चाके मध्य बताया कि वह अपनी इच्छा से २० वर्षीय युवक आकाश कुशवाहाके साथ गई थी । बीहड क्षेत्रके कुलगांवका निवासी आकाश कुशवाह चलभाषकी आपणि (दुकान) चलाता है । आकाश और नाजराने एक दूसरेसे २१ दिसम्बर २०२० को विवाह कर लिया था; परन्तु नाजराने न्यायाधीशके सम्मुख अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि वह केवल एक ही स्थितिमें आकाशके साथ रहेगी, यदि वह इस्लाम स्वीकार कर लेता है । ‘मीडिया’ प्रतिवेदनके अनुसार, युवतीके भाईने हिन्दू युवकपर आरोप लगाया था कि वह उसकी बहनका अपहरण करके ले गया है तथा युवकके भडकानेपर बहन ८० सहस्र (हजार) रुपए नकद व आभूषण भी घरसे ले गई है । इस परिवादके आधारपर पुलिसने ‘आईपीएस’की धारा ३६६ के अन्तर्गत अभियोग प्रविष्ट किया था ।
      समाचार स्पष्ट करता है कि किस प्रकार मुसलमानोंमें बाल्यकालसे ही कट्टरपन्थकी घुट्टी दी जाती है, जिसके फलस्वरूप वे अपने धर्मको कभी नहीं त्यागते । हिन्दुओंको इनसे ये सीखना चाहिए कि कैसे अपने धर्मपर अडिग रहा जाता है ? यद्यपि ये धर्मान्ध होते हैं; अतः ऐसी आतङ्की मानसिकतावालोंसे हिन्दुओंने दूर रहना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



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