मुसलमानोंको पीट रहे मुसलमान, दृश्यपट साझाकर बताया कि मुसलमानोंपर अत्याचार कर रहे हिन्दू, भारत विरोधी कार्य योजनाका सत्य


१ अक्टूबर, २०२१
      असममें अतिक्रमण हटानेकी कार्रवाईके मध्य हुई हिंसाके पश्चात ‘सोशल मीडिया’में भारत विरोधी कार्य योजना चल रहा है । कई देशोंके मुसलमान उपयोगकर्ता ‘#BoycottIndianProducts हैशटैग’के साथ भारतके बहिष्कारकी बात कर रहे हैं। ऐसा करनेवाले अधिकतर खाडी देशों और पाकिस्तान से हैं । ये उपयोगकर्ता, चित्र और दृश्यपट साझाकर, यह धारणा (नैरेटिव) स्थापित करनेका प्रयास कर रहे हैं कि भारतमें मुसलमानोंको हिन्दू प्रताडित कर रहे हैं । इसमें वे दृश्यपट भी साझा किए जा रहे हैं, जिनका कोई साम्प्रदायिक दृष्टिकोण नहीं है । यहांतक कि पीडित और आरोपित दोनों मुसलमान ही हैं ।
      जैसे जिया खान नामकी उपयोगकर्ताद्वारा ‘ट्विटर’पर साझा किया गया । इसमें एक व्यक्तिको दूसरे लोग लाठीसे पीटते दिखाई दे रहे हैं । जियाने यह दृश्यपट, भारतमें मुसलमानोंपर हिन्दुओंके अत्याचारको बतानेके लिए ‘ट्वीट’ किया । यह सत्य है कि यह दृश्यपट भारत का ही है; किन्तु यह भी उतना ही सत्य है कि इस दृश्यपटमें जो पिट रहा और जो पीट रहे हैं, वे सब मुसलमान ही हैं ।
      जियाने जो दृश्यपट साझा किया है, वह घटना जुलाई २०२० की है । यह घटना, उत्तर प्रदेशके सिद्धार्थनगर में हुई थी । ‘ट्वीट’का प्रत्युत्तर देते हुए सिद्धार्थनगर ‘पुलिस’ने ये स्पष्ट किया था कि घटना पीडित और आरोपितके बच्चोंके मध्य हुए झगडेके कारण हुई थी । जिससे सम्बन्धित दृश्यपट भी साझा किया जा चुका है ।
      इससे ये सिद्ध होता है कि मुसलमान व्यक्तिको उसके बच्चों और आरोपितके मध्य हुए झगडेके पश्चात चार मुसलमानोंने पीटा था । इसमें हिन्दू समाज किसी भी प्रकारसे सम्मिलित नहीं था । इस घटनाका कोई साम्प्रदायिक दृष्टिकोण भी नहीं था । इसके अतिरिक्त, कट्टर ‘इस्लामिस्ट’, इस घटनाका प्रयोग ‘सोशल मीडिया’पर भारत विरोधी कार्य योजना चलानेके लिए कर रहे हैं ।
      शासनको कठोरताके साथ ऐसे लोगोंपर कार्यवही करनी चाहिए, जो देशमें उपद्रव मचाने हेतु षड्यन्त्र रच रहे हैं ।  मुसलमान समाजको भी अपने समुदायका वास्तविक रूप देखना चाहिए, जिन्हें वे अपना हितैषी समझते हैं, वे भी देख ले कि कौन-क्या कर रहा है ? हिन्दुओ ! ऐसे लोगोंका षड्यन्त्र ‘फूट डालो और राज करों’वाली नीतिपर आधारित होता है; अतः सतर्क होकर, ऐसे प्रकरणोंको उजागर करने हेतु ‘पुलिस’ और प्रशासनका सहयोग अवश्य करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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