अप्रैल ३०, २०१९
केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बलने (CISF) स्वयंको ‘सीआरपीएफ’का सुरक्षाकर्मी बतानेवाले एक युवक नदीम खानको देहलीके चांदनी चौक मेट्रो स्टेशनसे बन्दी बनाया है ।
बन्दी बनाए गए नदीम खानके पास दो आधार कार्ड, जिसमें जन्मतिथि भिन्न है और एक भ्रमणभाष यन्त्र अधिकृत किया गया है । आतंकी नदीम खानने स्वयंको उत्तरप्रदेशके शामलीका रहनेवाला बताया है और कहा कि वो ‘सीआरपीएफ’के प्रशिक्षु थे और वर्तमानमें श्रीनगरमें सीआरपीएफ आरटीसी मोहन नगरसे प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा हैं । इसके पश्चात उसने आगेकी पूछताछमें बताया कि वो शामलीमें अपनी मांके अंतिम संस्कारमें सम्मिलित होनेके लिए आरटीसीसे आया था ।
बादमें जब सीआरपीएफ नियन्त्रण कक्षसे पूछनेके पश्चात मोहन नगर आरटीसीसे (नियुक्ति प्रशिक्षण केन्द्रसे) सम्पर्क किया गया और पूरी बात बताई गई तो वहांसे उत्तर आया कि उनके केन्द्रमें इस नामका कोई भी प्रशिक्षु नहीं था ! इसके पश्चात नदीम खानको देहली पुलिसको सौंप दिया गया है । पुलिस फर्जी सुरक्षाकर्मीसे पूछताछ कर रही है । देहली पुलिस यह जाननेका प्रयास कर रही है कि अन्ततः फर्जी सैनिक बननेके पीछे नदीम खानका क्या उद्देश्य था ?
“पहले धर्मान्ध फर्जी हिन्दू बनकर जिहाद करते थे और अब फर्जी सुरक्षाकर्मी भी बनने लगे हैं और उसके पास दो आधारकार्ड भी मिले हैं ! यह तो हमारी समूची व्यव्स्थापर प्रश्न चिह्न लगाता है । आतंकी दो आधारकार्ड कैसे बनवा पाया ?, प्रथम तो यह विचारणीय है और उसके पश्चात वह सुरक्षाकर्मी बनकर घूम रहा था तो कोई भी बडा कृत्य कर सकता था और क्या नदीम खाना एकाकी ऐसा होगा, जो फर्जी सुरक्षाकर्मी बनकर घूम रहा है । कहीं यह किसी बृहद षडयन्त्रका एक भाग तो नहीं ? सुरक्षा विभागको कडी सतर्कता करनी होगी ताकि ये अथवा इसके सहकर्मी कोई बडी दुर्घटना न कर पाएं ! ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : सुदर्शन न्यूज
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