मार्च ३, २०१९
आन्ध्र प्रदेशके मुख्यमन्त्री चन्द्रबाबू नायडूने प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीको लेकर विवादित वक्तव्य दिया है । पुणे मिररमें प्रकाशित समाचारके अनुसार, नायडूने प्रधानमन्त्री मोदीको एक खूंखार उग्रवादी बताया है । टीडीपी अध्यक्षने कहा कि प्रधानमन्त्री मोदी इस देशमें रहने योग्य नहीं हैं । सोमवार, १ अप्रैल २०१९ को चुनाव प्रचारके समय एक जनसभाको सम्बोधित करते हुए नायडूने ये बातें कहीं । आन्ध्र प्रदेशमें लोकसभा चुनावके साथ-साथ विधानसभा चुनाव भी होने हैं । अपने गृह जनपद मदनापल्लेमें नायडूने मोदीको लेकर अपशब्द कहे । नायडूने कहा, “नरेन्द्र मोदी कट्टर उग्रवादी हैं । वे एक अच्छे व्यक्ति नहीं हैं । मैं यहां उपस्थित अल्पसंख्यक भाइयोंसे एक विनती करता हूं । यदि आप मोदीके लिए वोट करते हैं तो बहुत सारी समस्याएं खडी हो जाएंगीं । मोदी तीन तलाक अधिनियम इसलिए लेकर आए हैं, ताकि आपको कारावास पहुंचा सकें । मैं प्रथम व्यक्ति था, जिसने मोदीके त्याग-पत्रकी मांग की थी । इसके पश्चात विश्वके अधिकतर देशोंने मोदीका प्रवेश अपने देशोंमें प्रतिबन्धित किया ।”
अल्पसंख्यकोंको लुभानेके लिए दिन-रात लगे नायडू ध्रुवीकरणके प्रयासमें लगे हैं । आंध्र प्रदेशमें उनकी प्रतिष्ठा दांवपर लगी है और वो अल्पसंख्यक मतोंके आश्रयपर चुनावी वैतरणी पार करनेका प्रयास कर रहे हैं । मुसलमानोंको लुभानेके लिए उन्होंने जम्मू कश्मीरके पूर्व मुख्यमन्त्री फारुक अब्दुल्लाको श्रीनगरसे चुनाव प्रचारके लिए बुलाया । अब्दुल्लासे मुस्लिम बहुल जनपदोंमें टीडीपीके लिए प्रचार करवाया गया । नायडूने इमामोंके प्रशिक्षणके लिए महाविद्यालय स्थापित करने, नमाज पढनेके लिए ५० स्क्वायर यार्डका नमाज कक्ष बनवाने और ‘Almaspet Circle’का नाम परिवर्तितकर टीपू सुल्तानके नामपर करने सहित कई घोषणाएंकर मुस्लिमोंको लुभानेका प्रयास किया ।
नायडूने अब पुनः गुजरातका राग अलापा है । आजकल अपनी प्रत्येक सभामें गुजरातका वर्णन कर रहे हैं । गुजरात उपद्रवमें २००० लोगोंके मारे जानेकी बात कहते हुए नायडूने कहा कि मोदी इस देशमें रहनेके लिए ठीक नहीं हैं । नायडूने इससे पूर्व तेलंगानाके मुख्यमन्त्रीके चंद्रशेखर रावको ‘आर्थिक आतंकी’ बताया था । उन्होंने केसीआरपर शासकीय मशीनरीका दुरूपयोग करनेका आरोप भी मढा था । चन्द्रबाबू नायडूने भाजपापर भगवान वेंकटेश्वर तिरुपति मंदिरका नियन्त्रण छीननेके आरोप लगाए ।
“इस देशमें राजनीतिक दल व उनके प्रमुख नेताओंकी मानसिकता किसप्रकार की है, यह समझ नहीं आता है । सत्ता पानेके लिए ये केवल बातें करते हैं और लोगोंको पागल बनानेके भिन्न-भिन्न ढंग अपनाते हैं और जो व्यक्ति थोडा बहुत करना चाहता है, उसपर सभी विरोधी मिलकर अनर्गल आरोप लगाते हैं !! क्या इसी दिनके लिए लोकतन्त्रका निर्माण किया गया था । कुछ हदतक राजनीतिक दल विरोधी हो सकते हैं; परन्तु यहां तो स्थिति ही विपरित है ! उपद्रव करवाना, लोगोंको भडकाना, एक दूसरेको अपशब्द कहना, आतंकियोंका समर्थक बनना, अवैध सम्पत्ति एकत्रित करना आदिमें राजनीतिक दल लिप्त रहते हैं, ऐसी स्थितिको परिवर्तित करने हेतु केवल हिन्दू राष्ट्रकी आवश्यकता है !”- सम्पाद, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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