जेएनयू छात्र नजीब अहमदकी मांने कहा, “सीबीआई उसे छोड देगी, लेकिन हम नहीं


जुलाई १४, २०१८

जेएनयू छात्र नजीब प्रकरणमें ‘सीबीआई’द्वारा समापन विवरण (क्लोजर रिपोर्ट) लगानेके विचारपर नजीबके कुटुम्बने दुख प्रकट किया है । मां फातिमाका कहना है, वे सीबीआईके निर्णयसे अप्रसन्न हैं । यदि सीबीआई प्रकरणमें समापन विवरणके विचारमें है, तो वह न्यायालयसे प्रकरणकी जांचको स्वतन्त्र जांच समिति दलको सौंपकर जांच करनेकी मांग करेंगी ! उन्होंने गम्भीर आक्षेप लगाते हुए कहा है, ‘सीबीआई’ने वातानुकूलित भवनमें बैठकर प्रकरणकी जांचकी है, जिसपर उन्हें विश्वास नहीं है ।

१५ अक्टूबर २०१६ को बदायूंके सदर कोतवाली क्षेत्रके मोहल्ला चक्करकी सडक निवासी, नजीब पुत्र नाफिस अहमद दिल्लीके ‘जेएनयू’के छात्रावासके कक्षसे संदिग्ध परिस्थतियोंमें ओझल हो गए । लापता होनेसे पूर्व उनकी जेएनयूके छात्रोंसे बहस होनेके पश्चात झगडा हुआ था, जिसके पश्चात बदायूंसे लेकर दिल्लीतक उसे ढूंढनेको लेकर प्रदर्शन हुआ ।

प्रकरण चर्चित होनेके कारण न्यायालयने पुलिससे जांच हटाकर क्राइम ब्रांच दलको सौंप दी; लेकिन नजीब नहीं मिल पाया । न्यायालयने प्रकरणको गम्भीरतासे लेते हुए नजीब प्रकरणको ‘सीबीआई’को सौंप दिया था । लगभग १४ माहसे दिल्ली सीबीआई नजीबके प्रकरणको सुलझानेमें लगी हुई है, जिसके पश्चात ‘सीबीआई’ने हारकर नजीब प्रकरणमें समापन विवरण लगानेका विचार किया है ।

गुरुवारको ‘सीबीआई’ने दिल्ली उच्च न्यायालयके समक्ष अपना तर्क रखते हुए कहा है कि डिजीजल फुट प्रिंटिग सहित अन्य साक्ष्योंको एकत्र करनेके पश्चात भी छात्र नजीब अहमदका कोई साक्ष नहीं मिला है । यह उत्तर ‘सीबीआई’ने नजीबकी मां फातिमाकी याचिकाके उत्तरमें भी दिया है । इसमें नजीबकी मां फातिमाका तर्क है कि उन्हें ‘सीबीआई’की जांच और समापन विवरण लगानेपर सन्देह है । नजीबके लापता होनेका सत्य पुलिस और ‘सीबीआई’को पता है; लेकिन वे उन्हें भ्रमित कर रही है । ‘सीबीआई’ने अबतक उन २२ लोगोंसे पूछताछ क्यों नहीं की है, जो घटनाके समय छात्रावासमें उपस्थित थे ?

नजीबकी मां फातिमाका आक्षेप है कि दिल्ली ‘सीबीआई’ने अबतक वातानुकूलित भवनमें बैठकर जांचकी है । ‘सीबीआई’ने घटनाके सम्बन्धित साक्ष्योंसे पूछा तक नहीं ! ‘सीबीआई’ समापन विवरणके विचारमें है, तो वह नजीबके प्रकरणको उच्चतम न्यायालय ले जाएंगे ! इसके साथ ही न्यायालयसे स्वतन्त्र दल समिति गठित कर स्वयं न्यायालयद्वारा ही देखरेखकी मांग करेंगी !
फरवरीमें दिल्ली ‘सीबीआई’की पांच सदस्यीय दल नजीबके घर बदायूं पहुंची थी । दलने नजीबके पिता नाफिस, मां फतिमा और भाई हसीबसे सूचना प्राप्त करने के साथ-साथ नजीबकी मां व पिताका रक्त दृष्टान्त (सैम्पल) लिया था । फातिमाका कहना है कि ‘सीबीआई’ने किस उद्देश्यसे उनका रक्त लिया था ?

स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान



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