जुलाई १, २०१८
छत्तीसगढमें रविवारको नारायणपुरमें एक साथ १० नक्सलियोंने प्रान्तके पुलिस अधीक्षकके समक्ष आत्मसमर्पणकर दिया । इसमें तीन महिला नक्सलियों सहित एक कुख्यात नक्सली मोटूराम बडे भी सम्मिलित था ।
नक्सली दलमें वह प्रोद्यौगिकीका कार्य किया करता था, विशेषतया प्रेशर बमों और विस्फोटकीय सुरंगोंमें विस्फोटककी मात्राका निर्धारण वही करता था । यही नहीं, विस्फोटकीय सुरंगोंको बिछानेके लिए स्थानका चुनाव भी वही करता था । उसके आत्मसमर्पणसे ‘एण्टी नक्सल ऑपरेशन विंग’ने चैनकी श्वास ली है ।
दूसरी ओर सुकमामें कुख्यात नक्सली जग्गू भी एक भिडन्तमें मारा गया । यह घटना शनिवार रातकी बताई जा रही है । रविवारको जब पुलिस और केन्द्रीय सुरक्षा बलोंके जवान अन्वेषण अभियानपर निकले, तब उन्हें भिडन्त स्थलके निकट एक शव मिला । इसके अतिरिक्त नक्सली साहित्य और दैनिक उपयोगमें काम आने वाली कई वस्तुएं भी स्थानसे मिली ।
‘एण्टी नक्सल ऑपरेशन विंग’के डीजीपी डी.एम. अवस्थीके अनुसार, अब उनके जवान काफी सतर्क होकर नक्सलियोंसे लोहा ले रहे हैं और उन्हें सफलता भी मिल रही है । उनके अनुसार वर्षाकी ऋतुमें भी नक्सलिओके विरुद्ध अभियान जारी रखे जाएंगे ! उन्होंने नक्सलियोंसे विनतीकी है कि वे समय रहते आत्मसमर्पण करेंगे तो शासन उनकी बातोंपर सहानुभूति पूर्वक विचार करेगी; अन्यथा सख्तीकी जाएगी !
सुकमा प्रान्तके बडेसेट्टी क्षेत्रमें भी नक्सली भिडन्तकी एक घटना सामने आई है । यहां घात लगाकर बैठे नक्सलियोंने अन्वेषणपर निकले जवानोंपर एकाएक आक्रमण कर दिया । प्रत्युत्तरमें जवानोंने नक्सली अधिकारीको मार दिया ! घटनाकी पुष्टि सुकमा पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणाने की । उनके अनुसार, डीआरजी और प्रान्त बलके जवान बडेसेट्टीके जंगलमें अन्वेषणके लिए निकले थे ।
जवानोंके अन्वेषण अभियानका संज्ञान नक्सलियोंको पहले ही हो गया था, जिसके चलते नक्सली पहले ही घात लगाकर उनकी प्रतिक्षा कर रहे थे । जैसे ही जवान जंगलमें प्रवेश हुए नक्सलियोंने उनपर आक्रमण कर दिया । प्रत्युत्तरमें पुलिस जवानोंको भारी पडते देख नक्सली भाग गए; लेकिन भिडन्तमें नक्सली नायक जग्गूकी मृत्यु हो गई । घटना स्थलसे बडी संख्यामें नक्सली सामाग्री और शस्त्र मिले है ।
स्रोत : आजतक
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