शंका समाधान : क्या नामजप करनेसे पूर्व स्नान करना चाहिए ?


समाधान : प्रारम्भिक अवस्थाके साधक यदि स्नान करके नामजप करें तो अति उत्तम होगा; क्योंकि स्नान करनेसे अल्प प्रमाणमें सात्त्विकतामें वृद्धि होती है, जिससे ऐसे साधकोंको नामजप करनेमें थोडी सहायता मिलती है एवं ऐसे साधकोंने स्नान करनेके पश्चात कमसे कम तीन माला नामजप अवश्य करनेका प्रयास करना चाहिए ।
शास्त्र अनुसार, नामजप उपासनाकाण्डकी (मानसिक स्तरकी) साधना है; अतः स्नान करनेके पश्चात ही नामजप करना चाहिए, ऐसा नहीं है; क्योंकि मनको आप किसी भी साबुनसे स्वच्छ नहीं कर सकते एवं विचारोंके पुञ्जरुपी मनको, नामजपरुपी विचार या शब्दसे ही एकाग्रचित्तकर शुद्ध किया जा सकता  है और नामजप हमें निरन्तर करना है, यह लक्ष्य होना चाहिए, ऐसेमें प्रारम्भिक अवस्थाके साधकोंके लिए यदि स्नान करके नामजप करना सदैव सम्भव नहीं हो, तो बिना स्नानके भी नामजप किया जा सकता है; क्योंकि साधनाके उत्तरोतर अवस्थामें नामजप अखण्ड चलता है, चाहे साधकने स्नान किया हो या नहीं ।
कर्मकाण्ड अर्थात जब हम शरीरके माध्यमसे साधना करते हैं, तब शरीरका शुद्ध होना आवश्यक होता है; परन्तु जब हम मानसिक साधना करते हैं, तब शरीरकी शुचिता आवश्यक नहीं होती है; अतः नामजप किसी भी अवस्थामें किया जा सकता है । – तनुजा ठाकुर



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