भूपेश बघेलके पिताका ‘पुलिस’के ‘मेज’पर भोजन करता छायाचित्र सार्वजनिक, क्रोधित लोग बोले, अंग्रेजोंने नेहरूको ऐसे ही बनाया था बन्दी


८ सिंतबर, २०२१
     लखनऊमें आयोजित एक कार्यक्रममें नंदकुमार बघेलने वक्तव्य देते हुए कहा, “मत हमारा शासन तुम्हारा, ऐसा नहीं चलेगा । हम ब्राह्मणोंको गंगासे वोल्गा (रूसकी नदी) भेजेंगे । ब्राह्मण सुधर जाएं अथवा वोल्गा जाना होगा
    इस वक्तव्यके उपरान्त, ‘पुलिस’ने उन्हें बन्दी बनाया था; परन्तु थानेमें ‘पुलिस’की ‘मेज’पर बैठकर उन्हें भोजन करते देख, लोग क्रोधित हो गए ।
   किसीने इसे ‘पुलिस’द्वारा किया गया अभूतपूर्व स्वागत बताया, तो किसीने लिखा कि ऐसे तो १५ वर्ष भी मुझे बन्दी बनाया जाए, तो मुझे आपत्ति नहीं होगी । दिलीप नामक ‘यूजर’ने लिखा कि नेहरूको ऐसे ही अंग्रेजोंने कारागृहमें डाला था । एकने लिखा कि इससे तो बन्दी न बनाना ही उचित होता ।
      नंदकुमार बघेल, छत्तीसगढके मुख्यमन्त्री भूपेश बघेलके पिता हैं । ब्राह्मणोंके विरुद्ध टिप्पणीके उपरान्त, उन्हें रायपुर न्यायालयमें प्रस्तुत किया गया एवं १५ दिनोंके लिए, वे न्यायालयके बन्दी रहेंगे ।
     जनमानसमें स्वयंको न्यायप्रिय दर्शाने हेतु भले ही मुख्यमन्त्रीने अपने पिताको बन्दी बनने दिया हो; परन्तु उनका शासनद्वारा विशेष ध्यान रखा जाना यह दर्शाता है कि यह भी अपनी स्वार्थसिद्धि हेतु एक राजनीतिक हथकण्डा है । उनसे अन्य बन्दियों जैसा व्यवहार नहीं किया जाएगा । नेताओंके दिखानेके एवं भोजनके दांत, भिन्न-भिन्न होते हैं । यह इस प्रकरणसे समझा जा सकता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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