अप्रैल ३०, २०१९
पाकिस्तान स्थित ‘जैश-ए-मोहम्मद’ प्रमुख मसूद अजहरको एक मईको वैश्विक आतंकवादी (ग्लोबल टेररिस्ट) घोषित किया जा सकता है । इस प्रकरणसे सम्बन्धित लोगोंका कहना है कि चीन एक मईको संयुक्त राष्ट्रमें मसूद अजहरको आतंकी घोषित करनेको लेकर अपना विचार परिवर्तित कर सकता है ।
यदि अजहर मसूदको आतंकी घोषित कर दिया जाता है तो यह नरेन्द्र मोदी शासनकी बडी कूटनीतिक विजय हो सकती है; क्योंकि १४ फरवरीको पुलवामा आक्रमणके पश्चात मसूद अजहरको वैश्विक आतंकी घोषित करनेके लिए विश्व भरके देशोंका समर्थन भारत शासनको मिला था ।
एक वरिष्ठ अधिकारीने नाम न बतानेपर ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’को बताया कि यदि मसूद अजहरको वैश्विक आतंकी घोषित किया जाता है तो यह मृत्युकी चेतावनी होगी । पुलवामा आक्रमणके पश्चात यूएनमें अमेरिका, फ्रांस और यूकेके नेतृत्वमें मसूदको वैश्विक आतंकी करनेकी मांग की गई थी; परन्तु चीनने उसका बचाव किया था । उन्होंने बताया कि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांसद्वारा १३ मार्चको रखे गए प्रस्तावपर चीनकी तकनीकी पकड हटानेकी आशा है । वहीं अन्य सभी सुरक्षा परिषदके सदस्योंने इस पगको स्वीकृति दे दी ।
उल्लेखनीय है चीनने गत १७ अप्रैलको इन समाचारोंको नकारा था कि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांसने पाकिस्तानी आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्म्द’के मुखिया मसूद अजहरको वैश्विक आतंकी घोषित करनेपर संयुक्त राष्ट्रमें लगाए तकनीकी प्रतिबन्धको हटानेके लिए २३ अप्रैलतककी समयसीमा दी । चीनने दावा किया कि यह एक कठिन प्रकरण है और यह समाधान होनेकी दिशामें बढ रहा है ।
जम्मू कश्मीरके पुलवामामें आतंकी आक्रमणके पश्चात, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषदकी ‘१२६७ अल कायदा प्रतिबन्ध समिति’में फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका अजहरपर प्रतिबन्ध लगानेके लिए नूतन प्रस्ताव लेकर आए थे; परन्तु चीनने प्रस्तावपर ‘तकनीकी रोक’ लगा दी थी । इसके पश्चात, अमेरिकाने ब्रिटेन और फ्रांसके समर्थनसे सीधे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषदमें अजहरको प्रतिबन्धितसूचिमें डालनेके लिए प्रस्ताव लेकर आया ।
“चीनका यह आतंकीको आतंकी घोषित न करनेका यह अडियलपन केवल उसकी भारत विरोधी मानसिकताको दिखाता है और वैश्विक दबावके कारण आज चीनको झुकना पड रहा है, यह भारतकी विजय अवश्य है; परन्तु इसके साथ-२ चीनकी इस मानसिकताको भी हमें नहीं भूलना चाहिए । यदि चीन भारत विरोधमें आतंकीको आतंकी नहीं घोषित कर सकता तो वह कुछ भी कुठाघात कर सकता है ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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