मई २, २०१९
प्रवर्तन निदेशालयने (ईडी) देहलीमें अन्तर्राष्ट्रीय आतंकी हाफिज सईद और उसके संगठन ‘फलह-ए-इंसानियत’से (एफआइएफ) सम्बन्धित ७३ लाख रुपयेकी सम्पत्तियां अधिकृत की है । आतंकी संगठनों ‘जमात-उद-दावा’ और ‘लश्कर-ए-तैयबा’की स्थापना करनेवाले आतंकी हाफिजने मुखौटेके रूपमें ‘एफआइएफ’का गठन किया था । २०१२ में संयुक्त राष्ट्रने इसे आतंकी संगठन घोषित किया था ।
निदेशालय आतंकियोंका वित्तपोषण करनेवालोंपर निरन्तर कार्यवाही कर रहा है । गत पांच माहमें २१२ कोटि रुपयोंकी ऐसी सम्पत्तियोंका संज्ञान किया गया है । इन प्रकरणमें १३ से अधिक आरोपपत्र (चार्जशीट) प्रविष्ट किए जा चुके हैं । ‘एफआइएफ’के प्रकरणमें राष्ट्रीय जांच विभागकी (एनआइएकी) एक प्राथमिकीको (एफआइआरको) ध्यानमें रखते हुए निदेशालयने फरवरीमें आपराधिक प्रकरण प्रविष्ट किया था ।
इस सम्बन्धमें गुरुवारको निदेशालयने देहलीमें मुहम्मद सलमान नामक व्यक्तिसे सम्बन्धित एक सदनिका (फ्लैट), दुकान, नकदी और धनको अधिकृत किया । इसी प्रकरणमें ‘एनआइए’ अपने छापोंमें चार दशकाधिक (दर्जन) सिम कार्ड, भ्रमणभाष यन्त्र (फोन) और १.५६ कोटि रुपयोंकी नकदी अधिकृत कर चुकी है । ‘एनआइए’ने सलमान सहित चारको बन्दी भी बनाया है । सलमान अभी देहली स्थित तिहाड कारावासमें है ।
निदेशालय और एनआइएका दावा है कि देहलीमें रहनेवाला सलमान निरन्तर दुबईमें रहनेवाले पाकिस्तानीसे सम्पर्कमें था । वह पाकिस्तानी नागरिक ‘एफआइएफ’के उप-प्रमुखके सम्पर्कमें था । सलमानको मुहम्मद सलीम सहित विभिन्न हवाला व्यापारियोंके माध्यमसे मुहम्मद कामरानने दुबईसे बडी राशि भेजी थी । सलमानको हवालाके रास्ते पाकिस्तान और यूएईके अन्य कुछ लोगोंसे पैसे मिलनेकी बात भी सामने आई है ।
“निदेशालयने यह सम्पत्ति राष्ट्रीय राजधानीसे अधिकृत की है तो जब राजधानीकी यह स्थिति है तो अन्य स्थानोंकी क्या स्थिति होगी, इसका केवल अनुमान ही लगाया जा सकता है ! शासगणोंकी निष्क्रियताके कारण ही ये आतंकी इतना फल-फूल पाए कि हमारी पीठ पीछे ही अवैध धन इधर-उधर कर रहे हैं, जिससे शस्त्र आदि क्रय करते हैं और आतंकी घटना करनेकी ताकमें रहते हैं । इसे शासनने बिना देरी किए कडाईसे निपटना चाहिए; अन्यथा यह अत्यधिक संकटप्रद हो सकता है ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जागरण
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