फरवरी १७, २०१९
पुलवामा आक्रमणके विरोधमें ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने इम्प्लाइज’के (एफडब्लूआइसीईके) मुख्य परामर्शदाता अशोक पण्डितने पाकिस्तानके सभी कलाकारोंपर प्रतिबन्ध लगानेका आह्वान किया । उन्होंने कहा कि जो चलचित्र निर्माता पाकिस्तानी कलाकारोंके साथ काम करनेके लिए दबाव बनाएंगे , ‘एफडब्लूआइसीई’ उनपर भी प्रतिबन्ध लगाएगी । इस मध्य, २४ चलचित्र संगठनोंने गोरेगांवके फिल्मसिटीमें विरोध-प्रदर्शन किया है । इसमें अमिताभ बच्चन और वीरेंद्र सहवाग आदि भी सम्मिलित हुएं ।
अशोक पंडितने रविवार, १७ फरवरीको कहा कि वह आधिकारिक रूपसे यह आदेश सुना रहे हैं । वह संगीत कंपनियां, जो सीमा पारसे निरन्तर जारी आतंकी आक्रमणोंके पश्चात भी पाकिस्तानी कलाकारोंके साथ काम करनेपर बल देती हैं, उन्हें लज्जा आनी चाहिए; परन्तु वह कोई लज्जा नहीं दिखा रही हैं; इसलिए हमें कडे पग उठाने होंगें ।
पंडितने कहा कि पाकिस्तानी आतंकियोंके आक्रमणके पश्चात भारतमें चलचित्र उद्योग पाकिस्तानी कलाकारोंको प्रतिबन्धित कर देता है; परन्तु लंबा समय व्यतीत होनेपर वे पुनः पुराने ढर्रेपर चलने लगते हैं ।
‘एफडब्लूआइसीई’ और २४ अन्य चलचित्र और दूरदर्शन उद्योगके संगठनोंने आतंकी आक्रमणके विरुद्घ रविवार, १७ फरवरीको हुतात्माओंको श्रद्धांजलि देनेके लिए फिल्म सिटी द्वारपर दोपहर दो बजेसे सन्ध्या चार बजेतक विरोध यात्रा की । अभिनेता अमिताभ बच्चन, पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, सुरेश रैना और वीवीएस लक्ष्मणने भी स्वेच्छासे दो घंटेके लिए अपना काम बंद कर दिया ।
प्रदर्शनमें सम्मिलित हुए सहवागने कहा कि हमारे सैनिकोंके लिए हम जो भी करें वह अल्प है । वहीं, हरभजन सिंहने कहा कि सैनिकोंका बलिदान बेकार नहीं जाएगा । क्रिकेटर और अभिनेता कोई नायक नहीं हैं । वास्तविक नायक तो हमारे सैनिक ही हैं ।
भाजपा सांसद परेश रावलने भारतीय समाचार माध्यमोंसे अपने कार्यक्रमपर किसी पाकिस्तानी अतिथिको न बुलानेकी विनती की है । उन्होंनें कहा कि भारतमें विष उगल रहे पाकिस्तानी लोगोंपर प्रतिबन्ध लगाया जाना चाहिए ।
“यह लज्जाका विषय है कि पाकिस्तान आरम्भसे ही भारतके विरुद्घ विष उगलता रहा है; परन्तु लज्जाहीन चलचित्र जगत पाकिस्तानी अभिनेताओं और गायकोंको भारतमें काम देते हैं और न केवल काम देते हैं वरन भारतीय गायकोंको भी नकार देते हैं । चलचित्र जगत ऐसा कृत्य बन्द करें, अन्यथा सभी हिन्दू इनका पूर्णतया बहिष्कार करें !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जागरण
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