‘एनडीटीवी’ने राजस्थानमें ‘कोरोना’के टीकेके अभावका फैलाया असत्य 


१० मार्च, २०२१
         भारत शासनके निर्देशानुसार ‘कोरोना’का टीकाकरण अभियान सभी राज्योंमें चल रहा है । इसीके मध्य ‘एनडीटीवी’ने असत्य समाचार फैलाते हुए कहा कि ‘कोरोनाके टीके राजस्थानमें समाप्त होनेवाले हैं । दो दिनके भीतर और टीके राजस्थान नहीं पहुंचाए गए तो टीकाकरण अभियान बाधित हो जाएगा । इससे सम्बन्धित राजस्थानके स्वास्थ मन्त्रीका वक्तव्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें कहा गया था कि ६७ लाख ‘कोरोना’ टीके मार्चके माहमें लगेंगे और इसके लिए ६० लाख टीकोंकी आवश्यकता है । उन्होंने यह भी कहा था कि राज्यके पास मात्र मंगलवार तकके टीकाकरणकी सामग्री है । उन्होंने कहा कि राजस्थानकी देशके कुल  टीकाकरणमें २५ प्रतिशत भागीदारी है । यह भागीदारी जनसंख्याके अनुसार है । ऐसेमें प्रदेशको अधिक मात्रामें टीके प्राप्त होना चाहिए ।
        ‘पीआईबी’की ‘फैक्ट चेक’ने ‘एनडीटीवी’के इस समाचारको असत्य बताया । राजस्थानके पास टीकोंकी न्यूनता नहीं है, न ही टीकाकरणकी गति धीमी की जाएगी । केन्द्र शासनने स्पष्ट किया कि प्रत्येक राज्यको आवश्यकता अनुसार टीके उपलब्ध करवाना हमारा दायित्व है तथा इस हेतु हम प्रत्येक राज्यके सम्पर्कमें हैं । विशेषकर राजस्थानकी स्थितिस्पष्ट करते हुए केन्द्र शासनने बताया कि वर्तमानमें कोरोनो टीकेकी कोई न्यूनता नहीं है । राजस्थानको ३७.६१ लाख टीके उपलब्ध करवाए गए हैं, जिनमेंसे अभी तक मात्र २४.२८ लाख टीके लगाए गए हैं । केन्द्र शासनने इसके अतिरिक्त ‘कोरोना’के ८५००० टीके आपातकालीन ‘डोज’ के रूपमें दिए हैं । ‘डीडी न्यूज’ने भी ‘एनडीटीवी’के इस समाचारको असत्य बताया ।
    ‘एनडीटीवी’ने अपनी चूकका स्पष्टीकरण देते हुए राज्य स्वास्थ्य मन्त्रीके वक्तव्यको प्रस्तुत किया ।
       ‘एनडीटीवी’द्वारा फैलाया यह प्रथम असत्य नहीं है । ‘कोरोना’ कालमें इस समाचार वाहिनीने महामारी सम्बन्धित अनेक असत्य इससे पूर्व भी प्रसारित किए हैं । आवश्यकता है कि ऐसी समाचार वाहिनियोंको केन्द्र शासन प्रतिबन्धित करे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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