‘Nestle’के ६०% से अधिक खाद्य पदार्थ हैं स्वास्थ्यके लिए हानिकारक : आन्तरिक अभिलेखोंसे हुआ स्पष्ट
०१ जून, २०२१
स्विट्जरलैंडकी ‘कंपनी नेस्ले’के निजी अभिलेखोंसे यह स्पष्ट हुआ है कि इस वैश्विक खाद्य ‘कंपनी’द्वारा बनाए जा रहे भोजनके ६०% से अधिक पदार्थ शरीरके लिए हानिकारक हैं । साथ ही, यह भी स्पष्ट हुआ है कि यह सभी पदार्थ ‘स्वास्थ्य’के मानकोंको परिपूर्ण नहीं करते हैं; यद्यपि ‘नेस्ले’द्वारा निर्मित ‘मैगी’, ‘मंच चॉकलेट’, ‘नेस्कैफे कॉफी आदि पदार्थ भारतमें भी लोकप्रिय हैं ।
शोधके अनुसार, ‘कंपनी’के अभिलेखोंमें पाया गया कि ‘कंपनी’ने यह घोषणा की हैं, “हमने अपने उत्पादोंमें महत्त्वपूर्ण सुधार किए हैं; परन्तु जहां नियामक भार और उपभोक्ता मांग उच्चतम स्तरपर है, हमारा ‘पोर्टफोलियो’ अभी भी स्वास्थ्यकी बाहरी परिभाषाओंके तुलनामें कम प्रदर्शन करता है ।”
ऑस्ट्रेलियाई ‘हेल्थ स्टार रेटिंग सिस्टम’ खाद्य पदार्थोंको ५ ‘स्टार’ मानकोंपर तुलना करता है, जिससे उनकी गुणवत्ताकी जांचकी जाती है । इसे विश्वके अधिकतर राष्ट्रद्वारा उपयोग किया जाता है ।
सम्पूर्ण रुपसे ७०% से अधिक पदार्थ इस मानकसे नीचे रहे जिनमें शुद्ध ‘कॉफी’को छोडते हुए ९०% पेय पदार्थ भी सम्मिलित है ।
‘Nestle’ जैसी विदेशी ‘कंपनियां’के पदार्थोंका मानकोपर खरा न उतरना यह दर्शाता है कि उनको भारतीय लोगोंके स्वास्थ्यसे कोई लेना-देना नहीं है । जिस ‘कंपनी’के पदार्थ राष्ट्रके लोगोंको स्वास्थ्यकी दृष्टिसे हानि पहुंचाते हैं, उसको राष्ट्रहितमें त्वरित प्रतिबन्धित करना चाहिए और केन्द्र शासनको चाहिए कि वह राष्ट्रके नागरिकोंको विदेशीसे, स्वदेशीकी ओर प्रेरित करे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : डू पॉलिटिक्स
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