मैं पिछले कुछ वर्षोंसे आपके बताए अनुसार प्रतिदिन बैठकर नामजप करनेका प्रयास करता हूं | विगत कुछ दिवसोंसे जब भी मैं नेत्र खोल कर नामजप करता हूं तो मेरा ध्यान भटक जाता है एवं आंखें बंद कर करता हूं तब नामजप अच्छेसे होता है; परन्तु नींदका झोंका लग जाता है; साथ ही मुझे यह भान होता है कि मुझसे नींदमें भी नामजप हो रहा है । ऐसेमें मैंने क्या करना चाहिए, कृपया मार्गदशन करें ? - एक साधक, देहली


वर्तमान कालमें सर्वत्र रज-तमका प्रकोप अत्यधिक बढ गया है; इसलिए सबको नामजप नेत्र खोलकर करने हेतु कहा गया है ! यह सत्य है कि जिसका अध्यात्मिक स्तर ५० % से अधिक होता है, उन्हें नेत्र बंदकर नामजप करनेमें बहुत अधिक आनंद आता है; किन्तु यदि वास्तु अशुद्ध हो या वातावरणमें रज-तमका प्रमाण अधिक हो तो नामजपके समय नींद आने लगते हैं जिसे कुछ लोग ध्यानकी अवस्था समझते हैं  ! चूंकि आपका अध्यात्मिक स्तर ५० % से अधिक है; इसलिए नामजपके समय नींदके झोंके आनेसे अन्तर्मनमें जो आपका नामजप चल रहा होता है; उसका भान आपको होता है; किन्तु वर्तमान समयमें नेत्र खोलकर भावपूर्व नामजप करनेसे नामजपका लाभ अधिक मिलता है अन्यथा अनेक बार अनिष्ट शक्तियां हमें निद्रा अवस्थामें ले जाती  हैं जिससे नामजपका उतना लाभ हमें नहीं मिलता है !
      नामजप नेत्र खोलकर करने हेतु आप अपने आराध्य देवताके या अपने श्रीगुरुके छायचित्र अपने ध्यान उसपर केन्द्रित कर नामजप का सकते हैं !
    यदि आपको नेत्र बंदका नामजप करनेकी इच्छा है तो सर्वप्रथम जिस कक्षमें आप नामजप करना चाहते हैं उसकी वास्तु शुद्धि करें | साथ ही अपने श्रीगुरुके कोई प्रवचन या भजन जो उनके स्वरमें हो तो उसे बहुत ही धीमे स्वरमें चलाकर नामजप कर सकते हैं ! साथ ही थोडी-थोडी देरमें अपने आराध्य देवताके अस्त्र व शस्त्रसे अपने ऊपर कवच मांगे |  नामजप करते समय आप सूक्ष्मसे अपने आराध्यके किसी सुप्रसिद्ध देवालयके गर्भगृहमें बैठकर नामजप कर रहे हैं या अपने श्रीगुरुके चरणोंमें एक सूक्ष्मसा स्वरुप धारण कर नामजप कर रहे हैं, ऐसा भाव रखनेसे भी अनिष्ट शक्तियोंका साधनाके मध्य आक्रमण न्यून हो जाता है !
वैसे वर्तमान कालमें यही भाव रखकर, नेत्र खोलकर नामजप करना अधिक उचित होगा !


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution