सितम्बर ४, २०१८
नई दिल्ली: केरलके एक न्यायालयने दक्षिण भारतके भागोंमें आतंकी गतिविधियों करनेके प्रयास करनेके प्रकरणमें छह युवकोंके विरुद्ध आरोप निर्धारित किए हैं, जो कथित रूपसे ‘आईएसआईएस’के आतंकवादी हैं ! मंगलवारको एक आधिकारिक वक्तव्यमें यह सूचना दी गई । राष्ट्रीय जांच विभागने (एनआईए) वक्तव्यमें कहा कि विभागने कुछ युवकोंकी गतिविधियोंके सम्बन्धमें सूचनाके आधारपर १ अक्तूबर, २०१६ को स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रकरण प्रविष्ट किया था । इन युवकोंका षडयन्त्र प्रतिबन्धित आतंकी संगठनके उद्देश्योंको केरल और तमिलनाडुमें करने का था !
‘एनआईए’ने कहा कि युवकोंने मिलकर सामाजिक प्रसार माध्यमपर ‘अंसारुल खिलाफा-केएल’के नाम से ‘आईएसआईएस’ आतंकी मॉड्यूल बनाया था और न्यायाधीशों, पुलिस अधिकारियों तथा नेताओं सहित प्रसिद्ध लोगोंपर तथा विदेशी नागरिकोंपर आतंकी आक्रमणकी तैयारी की थी !
विभागने २ अक्तूबर, २०१६ को आतंकवादी मॉड्यूलके छह सदस्योंको बन्दी बनाया था । तब उन्होंने केरलके कन्नूर प्रान्तके कनाकामालामें बैठकका आयोजन किया था, जिसके पश्चात गत वर्ष १५ फरवरीको मॉड्यूलके एक और सदस्यको बन्दी बनाया गया, जिसे यूएईसे निर्वासित किया गया था । ‘एनआईए’ने कहा कि इस प्रकरणमें ५ अक्तूबर, २०१६ को ‘आईएसआईएस’ सदस्य सुबाहनी हजा मुईदीनको भी बन्दी बनाया था, जो अप्रैल २०१५ में इराक/सीरिया गया था और ‘आईएसआईएस’के लिए लडा था । मुईदीन सितम्बर २०१५ में भारत लौटा और भारतमें ‘आईएसआईएस’के समर्थनमें अपनी गतिविधियां जारी रखीं !
स्रोत : जी न्यूज
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