जनवरी १७, २०१९
‘आइएसआइएस’से प्रेरित संगठनके सम्बन्धमें राष्ट्रीय जांच विभाग (एनआइए) पंजाब और उत्तर प्रदेशके लगभग ७ स्थानोंपर छापेमारी कर रही है । इस प्रकरणमें लुधियानाकी नूरी मस्जिदके मौलवीको भी बन्दी बनाया गया है । एनआइएने प्रातःकाल ही मस्जिदमें छापा मारा । यहां तक कि स्थानीय पुलिसको भी इसकी जानकारी नहीं थी ।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व एनआइएने उत्तरप्रदेशके अमरोहासे इस संगठनको उजागर किया था । इस सम्बन्धमें कई लोगोंको बन्दी बनाया जा चुका है और विस्फोटक भी पाए गए थे ।
उल्लेखनीय है कि आतंकी गतिविधियोंमें लिप्त लोगोंपर एनआइए निरन्तर नियन्त्रण कर रही है । इससे पूर्व मेरठसे कुछ लोगोंको बन्दी बनाया गया । इसमें किठौरके गांव राधना निवासी नईम, जसौरा निवासी मौलवी अफसार सम्मिलित हैं । शनिवार प्रातः एनआइएने पुलिस-पीएसीके साथ अफसार और उसके मामाके यहां छापा मारा, इस मध्य अफसारका थैला, भ्रमणभाष व कुछ धार्मिक पुस्तकें अधिकृत की गईं । इसके पश्चात एनआइए अफसारको लेकर हापुडके गांव पिपलैडा पहुंची, जहां उसके कहनेपर शहजाद नामक युवकको पूछताछके लिए बन्दी बनाया गया ।
उल्लेखनीय है कि एनआइएने गत २६ दिसंबरको दस संदिग्धोंको बन्दी बनाकर आतंकी संगठन ‘आइएसआइएस’के नूतन संगठन ‘हरकत उल हर्ब-ए-इस्लाम’को उजागर किया था ।
“आए दिन आतंकके प्रकरणमें मौलवी बन्दी बनाएं जा रहे हैं; परन्तु मौलवी कहांसे पोषित हो रहे हैं ? मौलवियोंको पोषित मस्जिदों व मदरसोंको आनेवाला धन करता है; अतः शासन मूलपर प्रहार करे, तभी इसका समाधान सम्भव है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जागरण
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