अलकायदा आतङ्की अब्बास, करीम और सुलेमानको ‘एनआईए’के न्यायालयने पाया दोषी, मैसूर बम स्फोटपर ५ वर्ष उपरान्त न्याय
९ अक्टूबर, २०२१
‘एनआईए’के विशेष न्यायालयने ८ अक्टूबर २०२१ को तीन आरोपियोंको दोषी बताया है । वर्ष २०१६ के मैसूर न्यायालयमें हुए विस्फोटमें दोषी सभी आतङ्की तमिलनाडु निवासी, अलकायदासे सम्बन्धित हैं ।
कर्नाटकके मैसूरके स्थानीय न्यायालयके परिसरके सार्वजनिक शौचालयमें यह विस्फोट हुआ था । उस समय न्यायालयमें कार्यवाही चल रही थी । इसमें अनेक जन चोटिल हुए थे ।
उस समय मुख्यमन्त्री सिद्धारमैयाके पुत्र राकेशकी अंत्येष्टिमें सम्मिलित होने, अनेक विशिष्ट अतिथी उपस्थित थे । कठोर सुरक्षाके कारण आतङ्की वहां धमाका न कर सके, तो उन्होंने विस्फोटक न्यायालय परिसरमें फेंक दिया ।
दोषी पाए गए आतङ्की नैनार अब्बास अली, एम सैमसन करीम राजा व दाउद सुलेमान शौचालयमें बम रखनेके दोषी पाए गए । उस समय हुए पांच ‘सीरियल’ बम विस्फोटोंकी श्रृङ्खलामें यह एक था ।
सभी आरोपी ओसामा बिन लादेनकी विचारधारासे प्रेरित तमिलनाडुकी ‘बेस मूवमेंट’के सदस्य थे ।
इससे ज्ञात होता है कि अलकायदा दक्षिणके राज्योंमें सक्रिय है । दक्षिणके राज्य केरलसे तो अनेक युवा इस्लामके जिहादसे प्रेरित होकर आतङ्की बने हैं । इनपर इतनी कठोर कारवाही हो कि अन्य युवा ऐसे मार्गपर जानेकी कल्पनासे भयभीत हों । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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