देहलीमें यमुनाके तटोंपर छठ पूजापर प्रतिबन्ध, नदीमें पूजा सामग्री डालनेपर भी रोक


२९ अक्टूबर, २०२१
      देहलीके आपदा प्रबन्धन प्राधिकरणने (डीडीएमए) यमुनाके तटोंको छोडकर निर्धारित स्थानोंपर ही छठ पूजा करनेकी अनुमति दी है । २९ अक्टूबर २०२१, शुक्रवारको यह आदेश प्रस्तुत किया गया हैं । कोरोना महामारीको देखते हुए, इस वर्ष यमुना नदीके तटपर पूजापर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है । ‘डीडीएमए’का कहना है कि पूजाके लिए निर्धारित स्‍थान चिह्नित किए जाएंंगे और लोग वहीं त्योहार मना सकेंगे । आदेशके अनुसार, यमुनामें किसी भी प्रकारकी पूजन सामग्री या कोई अन्य सामान भी विसर्जित नहीं किया जा सकेगा ।
    वस्तुतः छठ पर्व सहस्रों लाखों वर्षोंसे हिन्दुओंद्वारा नैसर्गिक रीतिसे बिना किसी पर्यावरणीय सङ्कटके मनाया जाता रहा है; किन्तु कुछ दशकोंमें ही निधर्मी धर्मनिरपेक्ष व्यवस्थामें सभी प्राकृतिक संसाधनोंका दोहनकर अति दूषितकर दिया है । आगामी हिन्दू राष्ट्रमें सभी प्राकृतिक संसाधनोंका धर्मानुसार सदुपयोग, संरक्षण व संवर्धन करनेसे उनमें विद्यमान मूल दिव्यताको पुनः पुनर्जीवित किया जाएगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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