मई २, २०१९
कांग्रेसके कई सारे नेता, जिनमे स्वयं पूर्व प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला जैसे नेता सम्मिलित हैं, उन्होंने कांग्रेस शासनके समयमें हुई ‘सर्जिकल स्ट्राइक्स’की बातें कहीं ।
राहुल गांधीने कहा कि हमने ३ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ यूपीए शासनमें किए थे; परन्तु किसीको बताया नहीं, मनमोहनने कहा कि हमने कई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ किए और बृहस्पतिवार २ मईको राजीव शुक्लने ‘यूपीए’के समय ६ ‘सर्जिकल स्ट्राइक्स’की बात कह दी, कांग्रेसके भिन्न-भिन्न नेताओंने ‘सर्जिकल स्ट्राइक्स’की संख्या भी भिन्न-भिन्न बता दी ।
कांग्रेसका मूल रूपसे कहना था कि मोदीके समयमें ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ हुआ तो मोदीने अत्यधिक शोर किया, हमने भी कई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ किए; परन्तु हमने किसीको नहीं बताया !
कांग्रेस नेताओंने अपने समयमें ‘सर्जिकल स्ट्राइक’की बात कही; परन्तु सम्भवतः कांग्रेस शासनने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’की बात सेनाको भी नहीं बताई; क्योंकि सेनाका यह कहना है कि उडी आक्रमणके पश्चात जो ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ २०१६ में किया गया था, उससे पूर्व किसी और ‘सर्जिकल स्ट्राइक’का कोई ब्यौरा नहीं है ।
सेनाके ‘डीजीएमओ’ने (डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशनने) जुलाई २०१८ में ही कहा था कि २९ सितम्बर २०१६ से पूर्व किसी भी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’का कोई ब्यौरा नहीं है ।
सितम्बर २०१६ में मोदी शासनके समय भारतीय सेनाने उडी आक्रमणका बदला लेनेके लिए पाकके विरुद्घ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ किया था, जिसे उस समय कांग्रेसके नेताओंने छद्म भी बताया था ।
एक ‘आरटीआई’ लगाई गई थी, जिसमे पूछा गया था कि क्या २९ सितम्बर २०१६ से पूर्व भी भारतीय सेनाने कोई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ किया था, तब सेनाने उत्तर दिया था, नहीं !
https://twitter.com/irohitchoudhary/status/1123941799867949057
प्रथम ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ मोदी शासनके समय २९ सितम्बर २०१६ को किया गया था, उसके पश्चात पुलवामा आक्रमण हुआ तो भारतने ‘एयर स्ट्राइक’ किया था ।
स्वयं भारतीय सेना सेनाको ‘यूपीए’ शासनके समय हुए किसी सर्जिकल स्ट्राइकके बारेमें कुछ जानकारी नहीं है, वहीं राहुल गांधी, मनमोहन सिंह, राजीव शुक्ला जैसे कांग्रेस नेताओंका कहना है कि इनके शासनके समय कई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ किए गए थे ।
“कांग्रेसने इतने सर्जिकल स्ट्राइक किए थे, तभी सम्भवतः देशमें आए दिन विस्फोट होते थे और इतने कि सेनाको ही नहीं ज्ञात, सम्भवतः स्ट्राइकका बीडा सेनाके स्थानपर स्वयं कांग्रेसके देशभक्त नेताओंने उठाया था, इससे तो यही स्पष्ट होता है !! असत्यकी एक सीमा होती है, जो कांग्रेस अब पार कर चुकी है, जिसके लिए अब उन्हें लज्जा भी नहीं आती है और सबसे विचित्र है कि समूचे देशमें एयर स्ट्राइकके साक्ष्य मांगनेवाली कांग्रेसके पास इसका एक भी साक्ष्य नहीं है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : डीबीएन
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