अगस्त ८, २०१८
असमके ‘राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर’पर विरोधी स्वरोंके मध्य मंगलवारको बांग्लादेशके सांसद सैयद नजीबुल बशर मैजवंदारीने अपने समकक्ष और केन्द्रीय गृहराज्य मन्त्री किरण रिजीजूसे दिल्लीमें भेंट की । रिजीजूने उन्हें विश्वास दगलायख कि पूरी प्रक्रिया न्यायालयकी देखरखमें चल रही है और इसका जो भी परिणाम आए; लेकिन किसीको बांग्लादेश नहीं भेजा जाएगा !
विदेश राज्य मन्त्री एमजे अकबर और किरण रिजीजूसे भेंटमें बांग्लादेशी सांसदने एनआरसी, रोहिंग्या शरणार्थियों, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रोंमें द्विपक्षीय हितोंके प्रकरण सहित विभिन्न मुद्दोंपर चर्चा की । इस मध्य भारत शासनके प्रतिनिधियोंने उन्हें बताया कि यह न्यायालयके निर्देश और निगरानीमें किया जा रहा है ।
भेंटके पश्चात सांसद सैयद नजीबुलने एक समाचार माध्यमसे वार्तामें बताया कि उन्हें यह आश्वासन दिया गया है कि मोदी शासन बांग्लादेशी प्रवासियोंको भारतीय अर्थव्यवस्थाका भाग मानती है और उन्हें वापस नहीं भेजा जाएगा !
सैयद नजीबुलने बताया कि उन्होंने बैठकमें अपनी चिन्ता सामने रखी । नजीबुलके अनुसार, “रिजीजूने बताया कि उन्होंने इस प्रकरणपर प्रधानमन्त्री मोदीसे बात की है और ऐसे लोगोंको बांग्लादेश नहीं भेजा जाएगा !”
सत्ताधारी भाजपाका (बीजेपी) कहना है कि बांग्लादेशके केवल अवैध प्रवासी हटाए जाएंगे; लेकिन विपक्षका दावा है कि सूचीमें छूटे अधिकतर लोग भारतीय नागरिक हैं । इस मध्य बांग्लादेशी सांसदका दावा ये है कि मोदी शासन इस पूरी प्रक्रियाके पश्चात किसी भी व्यक्तिको बांग्लादेश न भेजनेका विश्वास दिलाया है ।
स्रोत : द राइजिंग न्यूज
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