१७ वर्ष पूर्व पूछताछ किए गए आतङ्कीने, अजीत डोभालके कार्यालयपर डाला डाका


 १४ फरवरी, २०२१
       पाकिस्तानके आतङ्की सङ्गठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’के एक आतङ्कीने ‘डोभाल’के कार्यालयकी ‘छानबीन’ की थी । इस आतङ्की ‘हिदायतुल्लाह मलिक’को ६ फरवरीको जम्मूमें बन्दी बनाया गया था ।  पूछताछके मध्य उससे भारी मात्रामें विन्ध्वसक सामग्री सहित एक ‘वीडियो’ भी प्राप्त हुआ है ।  इस ‘वीडियो’में डोभालके कार्यालयकी विशेष जांच करनेका विवरण है । मलिकके विरुद्ध प्राथमिकी प्रविष्ट कर दी गई है ।
        ‘मलिक’ने बताया कि उसने सरदार पटेल भवन सहित, देहलीके कई अन्य उच्च स्तरीय कार्यालयोंका भी निरीक्षण किया था, जो किसी पाकिस्तानीके आदेशपर किया । उरी आक्रमणके पश्चात भारतद्वारा की गई ‘सर्जिकल-स्ट्राइक’ और पुलवामाके पश्चात ‘बालकोट’की ‘एयर-स्ट्राइक’में अजीत डोभालकी विशेष भूमिका रही थी, इसीकारण डोभाल अब आतङ्कियोंके लक्ष्यपर है, जिसकी सूचना सुरक्षा संस्थानों और गृह मन्त्रालयको दे दी गई है ।
       मलिकने अजीत डोभालके कार्यालयके बाहरकी सुरक्षात्मक संरचना और नियुक्तियोंके विवरण पाकिस्तानको पहुंचानेका कार्य किया था । जिसके माध्यमसे उसने यह दुष्कार्य किया था उसका नाम पता न होनेसे, वह उसे ‘डॉक्टर’के नामसे बुलाता था । देहलीसे जम्मू लौटनेके पश्चात, एक आत्मघाती आक्रमणके लिए, मलिकको पाकिस्तानी ‘आका’ने उसे एक ‘ह्युंडई’ गाडी भी भेंटमें दी थी । दो माह पूर्व, तीन साथियों सहित मलिकने ‘शोपियां’में एक बैंककी गाडीसे नकद, साठ लाख रुपये लूट लिए थे ।
    पूछताछके मध्यम मलिकने दस अन्य आतङ्की ‘आकाओं’के विवरण व सम्पर्क नम्बर भी बताए हैं, जिनके लिए वह कार्य करता रहा है । उल्लेखनीय है की २७ वर्ष पूर्ण अजीत डोभालने ‘जैश-ए-मोहम्मद’के  आतङ्की संस्थापकसे कडी पूछताछ की थी ।
         जिस प्रकार आतङ्कियोंद्वारा जाल बिछाकर विशेष कार्यालयोंकी ‘छानबीन’ की जाती है ।  कार्यालयोंमें चाकरी कर रहे कर्मियोंसे ही उनको भेद प्राप्त हो सकता है । मुसलमान केन्द्रको सुरक्षाके लिए कडे पग उठाने चाहिए । इसके साथ ही मुसलमान कर्मियोंपर विश्वास करना, अब अपने पांवपर कुल्हाडी मारनेके समान होगा ।  – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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