जून ३०, २०१८
केरलमें एक ‘नन’ने उत्तर भारतके डायोसीसके ‘कैथोलिक बिशप’पर आक्षेप किया कि उसने निकटके एक नगरमें चार वर्ष पूर्व उसका कई बार यौन उत्पीडन किया था । ‘नन’ने पुलिसमें एक परिवाद दिया है । पुलिसने शुक्रवारको बताया कि कोट्टायम प्रान्त पुलिस अधीक्षकको दिए परिवादमें ननने आक्षेप किया है कि उसका १३ बार यौन उत्पीडन किया गया है ।
उन्होंने बताया कि ‘नन’ने कहा है कि २०१४ में प्रान्तके कुरावलंगद क्षेत्रमें एक अनाथालयके निकट एक अतिथि भवनमें प्रथम बार उससे यौन शोषण किया गया । ‘नन’ने कहा कि उसने गिरजाघरके अधिकारियोंको कहा; लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई । इस मध्य, बिशपने ननके विरुद्ध प्रत्युत्तरमें एक और परिवाद दिया है कि उसका स्थानान्तरण करनेके कारण ही वह प्रतिशोध ले रही हैं । जिला पुलिस प्रमुखने पुलिस उपाधीक्षकको दोनों परिवादकी जांच करनेके निर्देश दिए है ।
‘नन’ने कहा है कि उसने काफी समय पूर्व ही गिरिजाघर प्रबन्धनको इस बारे में कहा था; लेकिन उन्होंने उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की । उसने यह भी आक्षेप किया कि गिरिजाघर प्रबन्धन इस बातसे भी उससे निराश है कि उसने बिशपके विरुद्ध पुलिसमें परिवाद दिया; यद्यपि पुलिसमें अभियोग होनेके पश्चात भी अभी तक प्रबन्धनने बिशपके विरुद्ध स्वयं कोई कार्रवाई नहीं की है । ये बिशप उत्तर भारतमें २०१३ से कार्यरत है ।
इससे पूर्व केरलमें ही पांच पादरियोंके विरुद्ध महिलाओंने यौन शोषणका परिवाद दिया । इस प्रकरणमें अब जाकर जांचके आदेश दिए गए हैं । पुलिस सूत्रोंके अनुसार, मलकाराके एक गिरिजाघरके इन पादरियोंके विरुद्ध एक महिलाने आक्षेप किया था ।
स्रोत : न्यूज18इण्डिया
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