ओडिशाके न्यायालयने मां दुर्गाकी केवल ४ फुट ऊंची प्रतिमा बनानेकी दी स्वीकृति


१९ सितम्बर, २०२१
      ओडिशा उच्च न्यायालयने दुर्गा पूजामें प्रतिमाकी ऊंचाई केवल ४ फुटतक सीमित रखनेकी स्वीकृति दी है । इसके लिए ९ अगस्त २०२१ को राज्य शासनद्वारा घोषित की गई विज्ञप्तिके विरुद्ध हस्तक्षेप करनेसे न्यायालयने अस्वीकार कर दिया । उच्च न्यायालयने पारम्परिक रूपसे ८ ‘फुट’की प्रतिमाका निर्माण करनेके लिए दी गई याचिकाको निरस्त कर दिया । ‘बालू बाजार पूजा कमिटी’की ओरसे यह निवेदन किया गया था । उच्च न्यायालयके मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर और बीपी राउतरायकी खण्डपीठने इस याचिकाको निरस्त करते हुए कहा कि गत वर्ष प्रतिमाकी ऊंचाईको सीमित रखनेके लिए विज्ञप्तिको, जब विलम्बसे प्रकाशित किया गया, तबतक कई पूजा पण्डाल मां दुर्गाकी ऊंची प्रतिमाका निर्माण कर चुके थे, इसीकारण उन्हें निर्माणाधीन ऊंची प्रतिमाके लिए स्वीकृति दी गई थी; किन्तु इस वर्ष पूर्व सेही, शासनकी ओरसे विज्ञप्ति प्रकाशित हो चुकी है । न्यायालयके अनुसार, इस वर्ष समूचे देशमें और विशेषकर ओडिशामें ‘कोरोना’ पूर्णतया समाप्त नहीं हुआ है और इसी कारणसे एक पूजा समितिको ढील देनेसे, उसी मांगको लेकर शेष पूजा समितियां भी आगे आएंगी, जिससे समूचा राज्य ‘कोरोना’ महामारीकी चपेटमें चला जाएगा । ऐसेमें राज्य शासनके लिए ‘कोरोना’ सम्बन्धित प्रतिबन्धोंका कठोरतासे पालन करवाना कठिन हो सकता है ।
      राज्यमें महामारीको रोकनेके लिए, प्रतिमासकी न्यून अथवा अधिक ऊंचाईसे क्या अन्तर पडता है ? इसके लिए तो उत्सवमें भाग लेनेवालोंकी सङ्ख्याको सीमित रखा जा सकता है । ऐसे कठोर निर्णय केवल हिन्दू त्योहारोंपर प्रतिबन्ध लगाने हेतु दिए जाते हैं, जो अनुचित हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया 


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