अधिवक्ता बांसलका प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ कृत्य, भगवानका अपमान करने वाले एडीएसे देवालयके भीतर क्षमा प्रार्थना करवाई !


दिसम्बर १६, २०१८

हिन्दू देवताओंके विरुद्ध नवम्बरमें फेसबुकपर टिप्पणी करनेके प्रकरणमें एडीए (असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटार्नी) सुखदेव सिंहने भारत माता मन्दिरमें क्षमा मांग ली । इसपर अधिवक्ता भाईचारेने आरोपी एडीएके विरुद्ध की परिवादको वापस लेनेका निर्णय किया है ।

जानकारीके अनुसार परिवाद करनेके पश्चात डीसी मोगा संदीप हंसने एडीए सुखदेव सिंहको अपने पास बुलाया था और उन्हें चेताया था कि अगर शीघ्र ही वह इस प्रकरणमें अधिवक्ता भाईचारेके साथ सन्धि नहीं करते तो उनके विरुद्ध कार्यवाही होना निर्धारित है । इसपर एडीए सुखदेव सिंहने भारत माता मंदिरमें भगवान राम और हनुमानजीकी प्रतिमाके सामने हाथ जोडकर क्षमा मांगी ।

२७ नवम्बर २०१८ को मोगाके असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटार्नी सुखदेव सिंहने अपनी फेसबुकपर भगवान राम और हनुमानके विरुद्ध टिप्पणी की थी । विरोध होनेपर एडीएने अपनी फेसबुकसे लेखको हटा दिया था, परन्तु वह अपनी चूक माननेको तैयार नही थे । इसपर अधिवक्ता भाईचारेने एक बैठक कर डीसी मोगा, एसएसपी मोगा, डायरेक्टर प्रोसीक्यूश्न एंड लिटीगेशन चंडीगढ, मुख्य न्यायाधीश पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय व एडीशनल चीफ सेक्रेटरी निर्मलजीत सिंह कलसीको लिखित परिवाद भेज एडीएके विरुद्ध धार्मिक भावनाओंको आहत करनेका अभियोग प्रविष्ट करने और उन्हें तुरन्त प्रभावसे एडीएके पदसे हटानेकी मांग की थी ।

जगरांवके डीए लीगलकी मध्यस्थाके पश्चात अधिवक्ता भाईचारेने आरोपी एडीएको भगवानकी प्रतिमाके समक्ष खडे होकर क्षमा मांगनेको कहा । परिवाद करने वाले अधिवक्ता गोपाल कृष्ण बांसलने कहा कि एडीए सुखदेव सिंहने कुछ दिन पूर्व उनसे क्षमा मांगनेकी बात कही थी, परन्तु उन्हें इस बातपर सहमति नही दिखाई । बांसलके अनुसार आरोपीने भगवानके विरुद्ध टिप्पणी की है तो वह क्षमा भी भगवानसे ही मांगे । भगवान देखेगा कि क्षमा करना है या नहीं ?, हम कौन होते है क्षमा करने वाले ।

जानकारीके अनुसार अब एडीए सुखदेव सिंह डीसी मोगाको बताएंगे कि उन्होंने अधिवक्ता भाईचारेके साथ उक्त प्रकरणको लेकर सन्धि कर ली है ।

 

“अधिवक्ता बांसल इस प्रकरणमें अभिनन्दनके पात्र है । वस्तुतः हिन्दुओंके मौनके कारण ही धर्मकी चहुं ओर ग्लानि हो रही है, क्योंकि धर्माभिमान न होनेसे किसीको अन्तर ही नहीं पडता है ! ऐसेमें अधिवक्ता बांसल सदृश लोग ही हिन्दुओंके लिए एकमात्र आशाका स्रोत है एवं हिन्दुओंके लिए शिक्षा है कि धर्मविरोधी बातोंका मुखर होकर विरोध करना चाहिए !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला



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