दिसम्बर १५, २०१८
अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालयका नाम एक बार पुनः विवादोंमें आ गया है । एक पाकिस्तानी नागरिकको ‘सर सैय्यद अहमद खान’ पुरस्कार देनेके समाचारोंपर विश्वविद्यालयमें बवाल मच गया है । पूर्व विधायक जमीरउल्लाह खांने विश्वविद्यालयको ज्ञापन देकर विरोध प्रकट किया है । आगामी २२ दिसम्बरको दुबईमें होने जा रहे एक कार्यक्रममें विश्वविद्यालय और सर सैय्यदके नामसे पुरस्कार दिए जाएंगे ! ‘सर सैय्यद ग्लोबल एक्सीलेंस लीडरशिप पुरस्कार २०१८’ के नामसे कार्यक्रम होगा । पुरस्कार लेने वाले जिल्ले अहमद निजामी ‘यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग व टैक्नोलोजी करांची पाकिस्तान’के संस्थापक हैं ।
यद्यपि बवाल मचनेपर विश्वविद्यालय प्रशासनने ऐसी किसी भी अनुमतिसे मना किया है । कार्यक्रम विश्वविद्यालयके किसी पुराने छात्रद्वारा आयोजित किया जा रहा है । पूर्व विधायकने कार्यक्रमको शीघ्रातिशीघ्र रद्द करानेकी मांग उठाई । साथ ही संचालकके विरुद्ध कार्यवाहीकी मांग की है ।
इस प्रकरणपर पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाहने बताया कि आगामी २२ दिसम्बरको दुबईमें एक कार्यक्रमका आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पाकिस्तान नागरिक जिल्ले अहमद निजामीको ‘सर सैयद अहमद खान’के नामसे पुरस्कार दिया जाएगा । जिस प्रकार पाकिस्तानके कृत्य हिन्दुस्तानके विरुद्ध रहते हैं, दोनों देशोंके मध्य मधुर सम्बन्ध नहीं है, इस प्रकारके कार्यक्रममें पाकिस्तानीको पुरस्कार देनेका अर्थ है भारतके सवा सौ कोटि लोगोंके साथ धोखा है, जिसको लेकर एएमयू प्रशासनको एक ज्ञापन देकर कार्यक्रम को रुकवाने के लिए कहां गया है ।
“अलीगढ विश्वविद्यालयके पुनरावृत्तिमें होने वाले राष्ट्रविरुद्ध कृत्यपर अब केन्द्र शासन संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही करें, यही अब राष्ट्रहितमें है, क्योंकि ऐसे राष्ट्रविरोधी कृत्य करने वाले पाकिस्तान परस्त विश्वविद्यालयसे कौनसे राष्ट्रनिर्माता निकलेंगे, यह सर्वविदित है”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
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