बंगालमें रक्तरंजित लोकतन्त्र, कांग्रेस और टीएमसी कार्यकर्ताओंके उपद्रवमें पंक्तिमें खडे मतदाताकी मृत्यु !!


अप्रैल २३, २०१९


कांग्रेस और तृणमूल समर्थकोंकी आपसमें हुई लडाई हिंसक झडपमें परिवर्तित हो गई, जिसके कारण पंक्तिमें खडे एक मतदाताके प्राण चले गए ! पश्चिम बंगालमें लोकसभा चुनाव रक्तरंजित होता जा रहा है और तृणमूलके गुंडोंद्वारा निरन्तर की जा रही हिंसक झडपोंमें निर्दोष लोग प्राण दे रहे हैं । उक्त घटना मुर्शिदाबादके रानीनगरकी है । कॉन्ग्रेस उम्मीदवार अबू हीनाने दावा किया है कि जिस व्यक्तिकी मृत्यु हुई है, वह कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता है ।

पश्चिम बंगालके हिंसक चुनावी इतिहासको देखते हुए सुरक्षाकी प्रखर व्यव्सथा की गई थी । ७ बजे जब मतदान आरम्भ हुआ, तब सब कुछ ठीक था; परन्तु जैसे-जैसे समय बढता गया, वातावरण हिंसक होता चला गया । एकाएक बढी इस हिंसाका एक दृश्य मुर्शिदाबादके डोमकाल क्षेत्रमें दिखा । यहांपर भी दो गुटोंमें भीषण झडप हुई, जिसमें कई आमजन चोटिल हो गए । यहां तृणमूल कॉन्ग्रेसके कार्यकर्ता भी चोटिल हुए । मालदासे भी हिंसाके समाचार आए हैं ।

उल्लेखनीय है कि लालू राजके समय बिहारमें बूथ लूट, अपहरण और हत्याओंकी घटनाएं साधारण बात थी । चुनावको प्रभावित करनेके लिए बाहुबलका प्रयोग सामान्य हो चला था ।

 

“यदि चुनाव आयोग और शासन कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं तो उच्चतम न्यायालयको अब मध्यमें आना चाहिए और तृणमूलको मतदान प्रतिस्पर्धासे बाहर करना चाहिए; क्योंकि यह मतदान नहीं हो रहा है, यह तो शक्तिप्रदर्शनकर उपद्रव हो रहा है, जिसमें साधारण नागरिक भी मर रहे हैं । लोकतन्त्रकी ऐसी बुरी स्थिति देख मन क्रन्दन करता है कि क्या इस दिवस हेतु ही स्वतन्त्रता सेनानियोंने प्राण दिए थे ? अब यह परिवर्तित होना अत्यावश्यक है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : ऑप इण्डिया



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