सितम्बर ९, २०१८
‘एआईएमआईएम’के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसीने ‘आरएसएस’ प्रमुख मोहन भागवतपर संविधानमें विश्वास न करनेका आरोप लगाते हुए पूछा है कि कुत्ता कौन है और शेर कौन है ? ‘आरएसएस’ प्रमुखके एक वक्तव्यपर उन्होंने कहा, “उनके (आरएसएस) विचार विचित्र हैं, जो दूसरोंको कुत्ता कहकर और स्वयंको शेर सदृश बताकर लोगोंको नीचा दिखाते हैं ! ‘आरएसएस’की ये भाषा गत ९० वर्षोंसे है और मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ ! भारतके लोग ऐसी भाषाको नकार देंगे !”
इससे पूर्व मोहन भागवतने कहा शिकागोमें विश्व हिन्दू सम्मेलनको सम्बोधित करते हुए कहा था, “हिन्दू सहस्त्रों वर्षोंसे प्रताडित हो रहे हैं; क्योंकि वो अपने मूल सिद्धान्तोंका पालन करना और आध्यात्मिकताको भूल गए हैं । शेर अकेला हो तो उसे जंगली कुत्ते भी घेरकर हरा सकते हैं; इसलिए हिन्दुओंको मिलकर कार्य करना आवश्यक है ।”
‘आरएसएस’ प्रमुखके इस वक्तव्यपर ओवैसीने कहा, “कुत्ता कौन है और शेर कौन है ? संविधानने सभीको मानव माना है और उनके साथ कुत्ते या शेर सदृश व्यवहार नहीं किया जाता है । ‘आरएसएस’के साथ परेशानी यह है कि वो भारतीय संविधानमें विश्वास नहीं करते हैं ।”
“औवैसी सदैव मुसलमान हितोंकी बाते करते हैं, तो मुसलमानके मध्य ये ‘संवैधानिक मानव’ कहांसे आए, ये सब तो काफिर है न ?” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
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