‘गोलीबारी’की घटनाके पश्चात असदुद्दीन ओवैसीको ‘जेड’ श्रेणीकी सुरक्षा


५ फरवरी, २०२२
      ‘एआईएमआईएम’के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसीके वाहनपर उत्तरप्रदेशके मेरठमें हुए ‘गोलीबारी’की घटनाके पश्चात अब उन्हें केन्द्र शासनने ‘केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल’की ‘जेड’ श्रेणीकी सुरक्षा दी है । इस ‘गोलीबारी’के प्रकरणमें ‘पुलिस’ने शुभम और सचिनको अभिरक्षामें (हिरासतमें) लिया है । हिन्दुओेंके विरोधमें विषवमन करनेके कारण यह आक्रमण करनेका इन दोनों आरोपियोंने बताया है, ऐसी जानकारी हापुडके ‘पुलिस’ अधीक्षक दीपक भुकेरने दी ।
      इन आरोपियोंके पास ‘गोलीबारी’में प्रयोग की गई ‘पिस्तौल’ ‘जब्त’ की गई है । यह आरोपी ओवैसीपर आक्रमण करनेके लिए बहुत समयसे सिद्धता कर रहे थे; इसीलिए वे ओवैसीकी प्रत्येक सभामें उपस्थित रहते थे । गत अनेक दिनोेंसे ओवैसीका पीछा कर रहे थे; किन्तु उन्हें आक्रमण करनेका अवसर नहीं मिल रहा था । मेरठमें ओवैसीका वाहन ‘टोल नाके’पर रुका तब उन्होंने ‘गोलीबारी’ की ।
      ओवैसीने उन्हें मिली सुरक्षाके विषयमें कहा कि मैंने वर्ष १९९४ में अपना राजनीतिक जीवन प्रारम्भ किया । अभीतक मैंने कोई भी सुरक्षा नहीं ली । मुझे यह ‘पसन्द’ भी नहीं । मेरी सुरक्षा यह शासनका दायित्व है । मैं भविष्यमें भी सुरक्षा नही लूंगा । जब मेरा समय आएगा, तब मेरी मृत्यु होगी ।
       निरन्तर हिन्दुओंके विरुद्ध प्रलाप करनेवाले ओवैसीको उच्च श्रेणीकी सुरक्षा देकर शासनने उदारता दिखाई है; किन्तु उसे अमान्यकर ओवैसीने लगता है जैसी राजनीति की है । उनपर हुए आक्रमणकी उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए । कोई आश्चर्य नहीं यह आक्रमण हिन्दुओंकी अपकीर्ति का षड्यन्त्र हो  ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ


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