कोई भी दाल बनानेसे पूर्व उसे अवश्य ही भिगोए | दाल भिगोते समय सर्वप्रथम उसे अच्छेसे दो तीन पानीसे धो लें; क्योंकि आजकल दालोंको कीडे लगनेसे बचाने हेतु उसमें कीटनाशक पदार्थोंको डाला जाता है | साबूत या गोटा दाल जैसे राजमा, चने, हरा मूंग बनाते समय उसे रात्रिमें ही भिगोएं | द्विदल (टूटे हुए दाल) जैसे अरहर, पीली मूंग इत्यादिको धोकर, बनानेसे दो घंटे पहले भिगो दें और उसे प्रेशर कूकरमें बनानेके स्थानपर यूं ही मिटटी, पीतल, कांसा या स्टीलके पतीलेमें बनाएं | ऐसे दाल खानेसे तो स्वादिष्ट होते ही हैं, इनकी पौष्टिकता अधिक प्रमाणमें बनी रहती है | ऐसी दालें सुपाच्य होती है; क्योंकि इसमें अग्नि और जल तत्त्व उचित प्रमाणमें प्रवेश कर पाता है |
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