ईसाई पन्थ अपनानेका ‘लालच’ देनेवाला पादरी डोमनिक और उसकी पत्नी बन्दी बनाए गए, प्रतिभूति भी मिली


२९ मई, २०२२
      गोवामें लोगोंको ‘नकदी’ देने तथा उनके रोगोंके उपचारका वचन देकर ईसाई पन्थ अपनानेके लिए फुसलानेके आरोपमें ‘पुलिस’ने एक पादरी और उनकी पत्नीको बन्दी बनाया है । ‘पुलिस’के एक वरिष्ठ अधिकारीने शुक्रवारको यह जानकारी दी ।
      मापुसा ‘पुलिस थाने’के अधिकारीके अनुसार, दो व्यक्तियोंद्वारा पृथक-पृथक परिवाद प्रविष्ट करानेके उपरान्त पादरी डोमनिक डिसूजा और उनकी पत्नी जोनको बृहस्पतिवारकी रात बन्दी बना लिया गया । दोनोंने अपने परिवादमें पादरी और उनकी पत्नीपर धर्मान्तरण करानेका आरोप लगाया है ।
      उन्होंने कहा कि दम्पतिके विरुद्ध दो पृथक-पृथक प्राथमिकी प्रविष्ट की गईं हैं । पादरी और उनकी पत्नी उत्तरी गोवाके सालिगाओ गांवमें सक्रिय थे, जो राजधानी पणजीसे लगभग २० किलोमीटर दूर है ।
       ‘पुलिस’ अधिकारीने कहा, “पादरी और उनकी पत्नीपर धर्मके आधारपर विभिन्न समूहोंके मध्य वैमनस्यको बढावा देने और धार्मिक भावनाओंको ठेस पहुंचानेके उद्देश्यसे जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण कृत्योंमें सम्मिलित होनेके आरोपके अतिरिक्त औषधि और चमत्कारिक उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियमकी सम्बन्धित धाराओंके अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया गया है ।”
      ‘पुलिस’को परिवाद मिला था कि यह दम्पति लोगोंको ‘नकद’ या लम्बे रोगका उपचार करने सहित अन्य वचनोंका ‘लालच’ देकर ईसाई पन्थ अपनानेके लिए कह रहे थे । ‘पुलिस’ अधिकारीके अनुसार, आरोपी दम्पतिको शुक्रवारको एक स्थानीय न्यायालयमें प्रस्तुत किया जाएगा, जहां ‘पुलिस’ आगेकी जांचके लिए उनकी अभिरक्षाकी मांग करेगी ।
         बन्दी बनाए जानेपर जो लोग स्वयं अस्वस्थ्य हो जाते है । वह भोले-भाले लोगोंको स्वास्थ्य लाभका प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करा रहे हैं, यह लोग और इनका तथाकथित पन्थ कितना मिथ्या है कि प्रपञ्चके माध्यमसे लोगोंका धर्म परिवर्तन कराते हैं ? – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
साभार : https://www.hindujagruti.org


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