मार्च ५, २०१९
पाकिस्तानके पंजाब प्रान्तके सूचना मन्त्री फैयाज-उल-हसन चौहानकी हिन्दुओंके विरुद्घ अपमानजनक टिप्पणीके लिए उनकी पार्टी ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’के सदस्योंने आलोचना की है । ‘सामना टीवी’के अनुसार, चौहानने हिन्दू समुदायको ‘गायका मूत्र पीनेवाला’ बताया था । उन्होंने कहा था, “हम मुस्लिम हैं और हमारे पास ध्वज है, ध्वज है मौला अलीकी वीरताका, हजरत उमरके शौर्यका । तुम हिन्दुओंके पास यह ध्वज नहीं है, यह तुम्हारे हाथमें नहीं है । इस भ्रममें न रहो कि तुम हमसे सात गुणा अधिक उत्तम हो । जो हमारे पास है, वह तुम्हारे पास नहीं है । मूर्तिको पूजनेवाले !”
मन्त्रीने इसके पश्चात अपने वक्तव्यके लिए क्षमा मांगी और कहा कि मैं किसी धर्मका अपमान नहीं करता । जो चीजें मैंने कहीं, वह हिन्दुत्वका अंग है । इमरान खानने उनके वक्तव्यको अनुचित बताया और कहा, “किसी भी अल्पसंख्यक समुदायके विरुद्घ हम किसी भी प्रकारकी टिप्पणी सहन नहीं करेंगें ।”
नेता नईमुल हकने कहा, “फैयाज चौहानने हिन्दू समुदायके लिए अपमानजनक वक्तव्य दिया । शासन किसी व्यक्ति या शासनके किसी वरिष्ठ सदस्यकी ओरसे ऐसे अनुचित वक्तव्य सहन नहीं करेगा । मुख्यमन्त्रीसे सम्पर्क करनेके पश्चात कार्यवाही की जाएगी ।”
“नेताके वक्तव्यसे ही सिद्ध होता है कि इन शान्तिदूतोंके मनमें हिन्दुओंके प्रति कितना विष भरा है ! यह इनकी इस्लामिक मानसिकताका ही परिचायक है और स्पष्ट करता है कि क्यों पाकिस्तानमें हिन्दू नगण्य समान ही शेष रह गए हैं ! परन्तु इससे एक बात और स्पष्ट होती है कि इस्लाम और ऐसी मानसिकतावाले लोगोंका विज्ञान और तथ्योंसे दूर-दूरतक कोई लेना-देना नहीं है; क्योंकि जिस गौमूत्रका लोहा अमेरिका मान चुका है, जिस गौमूत्रके बलपर भारतीय व अन्य बुद्धिजीवि कृषिकर समृद्ध हो रहे हैं, जिस गौमूत्रमें विद्यमान १४ से अधिक सहज व महत्त्वपूर्ण यौगिकसे मानव देहके १०० से अधिक रोग दूर होते हैं, विद्युत बनती है, उसे कोई मूढ ही अपमानित दृष्टिसे देख सकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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