फरवरी २६, २०१९
भारतीय वायुसेनाद्वारा पाकिस्तानके भीतर आतंकी स्थलोंपर हवाई आक्रमणके पश्चात पाकिस्तानने बुधवार, २७ फरवरीको आक्रमण किया । भारतीय विदेश मन्त्रालयके अनुसार, पाकिस्तानने भारतीय सैन्य स्थलोंको लक्ष्य बनाया, जबकि पाकिस्तानके अनुसार उन्होंने रिक्त स्थानपर आक्रमणकर अपनी शक्तिका प्रदर्शन किया । इमरानने कहा, “मैं कल प्रातःकालसे अभीतक हुए घटनाक्रमको लेकर देशको विश्वासमें लेना चाहता था । पुलवामामें जो कुछ हुआ उसके पश्चात हमने भारतको शांतिकी प्रस्तुति की । मैं उन परिवारोंकी वेदनाको समझता हूं, जिन्होंने पुलवामामें परिवारके सदस्योंको खो दिया । मैंने हिंसासे प्रभावित लोगोंको निकटसे देखा है ।”
हमने भारतको प्रस्ताव दिया कि हम जांच करेंगें । हम सहयोग करना चाहते थे और ऐसा करनेके लिए सज्ज थे । मुझे भय था कि भारत इसके पश्चात भी कार्यवाही करेगा और मैंने इसलिए भारतको आक्रामकता दिखानेके विरुद्घ चेतावनी दी थी ।”
आजके घटनाक्रमपर बोलते हुए खानने कहा, “हमारी कार्यवाही केवल यह बतानेके लिए थी कि यदि आप हमारे देशमें आ सकते हैं, तो हम भी ऐसा कर सकते हैं । हमारे ‘एयर स्पेस’में भारतीय जेट पीछा करते आ गए थे, हमारी कार्यवाहीमें उनके (भारत) दो मिगको मार गिराया गया । यहांसे, यह आवश्यक है कि हम अपनी बुद्धिका उपयोग करें और बुद्धिमताके साथ कार्य करें ।
इमरानने प्रथम विश्व युद्धका उदाहरण देते हुए कहा कि उसे कुछ सप्ताहमें समाप्त हो जाना चाहिए था; परन्तु ६ वर्ष लग गए । खानने आतंकवादके विरुद्घ चल रही लडाईके बारेमें कहा कि इसे १७ वर्षोंतक नहीं खिंचना चाहिए था । उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तानके पास विद्यमान शस्त्रोंको देखते हुए स्थिति विकट होनेपर प्रधानमंत्री मोदी और उनके, दोनोंके ही हाथसे बाहर निकल सकती है ।
”-सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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