पाकिस्तानमें १०० वर्ष पुराने मन्दिरपर किया गया आक्रमण, ७४ वर्ष पश्चात वहां हुई थी पूजा
२९ मार्च, २०२१
पाकिस्तानके रावलपिंडी नगरमें एक पुरातन मन्दिरपर आक्रमण किया गया और उसे जलानेका प्रयास किया गया । लगभग दशकाधिक जिहादियोंने हिन्दुओंके इस आस्था केन्द्रको भारी क्षति पहुंचाई । इस मन्दिरका प्रबन्ध स्थानीय प्रशासनकी देखरेखमें होता था । ‘ट्रस्ट सम्पति बोर्ड’ने इस मन्दिरके भीतर रहनेवाले कुछ मुस्लिम परिवारोंको बाहर निकाल दिया था और मन्दिरके पुनर्निर्माणका कार्य पूराकर इसका ७४ वर्षोंके उपरान्त उद्घाटन किया था । पूजाके साथ घण्टे और घडियाल बजाए गए थे । आरोपके अनुसार बाहर निकाले गए उन्हीं रुष्ट परिवारके परिजनने आक्रमणकर मन्दिरको जलानेका प्रयास किया था ।
सुरक्षा अधिकारी सैयद रजाने १५ विभिन्न अज्ञात लोगोंपर, पुलिसमें प्राथमिकी प्रविष्ट करवा दी है । इस घटनाका समाचार, प्रेम राठीने ट्वीटकर वीडियो संलग्न किया है, जिसमें क्षतिग्रस्त मन्दिरकी वर्तमान स्थितको देखा जा सकता है ।
पाकिस्तानमें अल्पसंख्यक हिन्दुओंकी स्थिति अति भयावह हो चुकी है । अल्पसंख्यकोंकी सहायता करनेके स्थानपर उन्हें प्रताडित किया जा रहा है । वहांकी न्याय व्यवस्था पूर्ण रूपेण चरमरा चुकी है । हिन्दुओंकी जन, धन और सम्पत्तियोंको नष्ट करना उनके लिए एक साधारणसी बात बन चुकी है । मनुष्य ही नहीं; अपितु देवी देवताओंका भी अपमान किया जाता रहा है । वहांके शासनको भारतीय मुसलमानोंके लिए नहीं रोना चाहिए; अपितु वहींके अल्पसंख्यककों की सुरक्षाकर दिखानी चाहिए । यह आक्रमण केवल प्रथम आक्रमण नहीं है, इससे पूर्व भी अनेक मन्दिरोंको ध्वस्त किया जा चुका है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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