पाकिस्तानमें १२ वर्षकी हिन्दू बच्चीका अपहरण करके ६० वर्षके असभ्य हनीफसे बलपूर्वक ‘निकाह’की तत्परता, वामपन्थी क्षुब्ध
२५ अप्रैल, २०२१
वामपन्थी तत्त्वोंमें पुनः दीर्घ मौन व्याप्त है, जो भारतमें ही अल्पसङ्ख्यकके स्वर उठाना मानवताकी रक्षा समझते हैं । हिन्दूका कौन ? अन्ततः ये बडा प्रश्न पुनः पूर्ण विश्वके समक्ष है ।
ज्ञातव्य है कि पाकिस्तानमें कक्षा ६ में पढनेवाली एक १२ वर्षकी बच्चीका अपहरण ६० वर्षके मोहम्मद हनीफसे ‘निकाह’ करानेके लिए किया गया है । धर्मान्धोंद्वारा अपहृत बालिका पाकिस्तानके सिन्ध प्रान्तके सङ्घर जनपदकी रहनेवाली है । बालिकाके पिताने स्थानीय ‘थाने’से लेकरके प्रान्त एवं राष्ट्रके सभी बडे पदोंपर बैठे लोगोंसे याचना की है; परन्तु उसका विशेष प्रभाव प्रतीत हो नहीं रहा है ।
अभी इस घटनामें भारतमें रहकर पाकिस्तानके अनुयायी राजनेता व खिलाडियोंके साथ चलचित्रके अप्रामाणिक योद्धाके स्वर शान्त है और वह मौन समर्थन देते दिखाई दे रहे हैं ।
भारतके वामपन्थी, जो स्वयंको अल्पसङ्ख्यकोंका मित्र बताते हैं, उनको पाकिस्तानमें रहनेवाले हिन्दुओंपर बलपूर्वक किए जा रहे दुराचार नहीं दिख रहे हैं । ऐसे लोग राष्ट्रके लिए प्राणघातक सिद्ध होते आए हैं, इतिहास साक्षी है । हिन्दूओं सङ्गठित होनेका यही उत्तम समय है; अन्यथा यह जिहादी भारतको ‘दीमक’की भांति नष्ट कर देंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : सुदर्शन न्यूज
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