विवाहमें सम्मिलित होने आई पाकिस्तानी ‘बेगम’ने बनवाया छद्म मतपत्र, बन बैठी ग्राम प्रधान
०२ जनवरी, २०२१
पाकिस्तानी ‘बानो बेगम’पर घुसपैठका प्रकरण प्रविष्ट किया गया है । बानो बेगम ३५ वर्ष पूर्व विवाहमें सम्मिलित होनेके लिए पाकिस्तानसे भारत आई थी । उत्तर प्रदेशके एटा क्षेत्रके गुदऊ गांवमें उसने ‘अख्तर अली’से विवाह कर लिया था । ‘बेगम’ने अपने प्रवेशपत्रकी अवधि भी कई बार बढवाई थी ।
गुदऊ गांव पंचायतकी ग्राम प्रधान ‘शाहनाज बेगम’की मृत्यु हो जानेपर, ‘बानो बेगम’ वहांकी पंचायतकी प्रधान बन गई । गुदऊ गांवके ग्राम पंचायत सचिव ध्यान सिंहने, प्रधान पदके लिए बानोको मनोनीत करनेके लिए सुझाव दिया था । इससे पूर्व ‘बेगम बानो’ २०१५ में चुनावके लिए नामाङ्कित हुई थी और बहुमतसे विजयी भी हुई । इस प्रकार ऐटा स्थित गुदऊ गांवकी पंचायतकी सदस्य बन गई थी ।
कुवैद खानने उसका पाकिस्तानी होना उजागर किया, जिससे पूरे गांवको झटका लगा । इसी कारणसे ‘बेगम’ने त्यागपत्र दे दिया था । ‘डीपीआरओ’ आलोक प्रियदर्शीद्वारा ऐटा जनपदके न्यायाधीशको सूचित करनेपर, न्यायाधीश सुखपाल भारतीने ‘बानो’पर प्रकरण प्रविष्टकर जांचके आदेश दे दिए हैं ।
बनो बेगम तो मात्र एक उदाहरण है । देशद्रोही कांग्रेसके शासन कालमें ऐसे बहुतसे घुसपैठिए, भारतमें आकर बस गए और लौटकर कभी जानेका नाम भी नहीं लिया । ऐसे जिहादियोंको ढूंढकर पुनः इसी अवस्थामें ही पाकिस्तान पहुंचा देना चाहिए, यही उनके लिए दण्ड हो सकता है । साथ ही उनको बसानेवाले देशद्रोहियोंको भी पाकिस्तान भेज देना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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