उडीसामें बन्दी बनाए गए चारों पाकिस्तानी गुप्तचर निकले ‘डीआरडीओ’के कर्मचारी, लक्ष्यपर थे ६ राज्योंके १५ जनपद


१६ सितम्बर, २०२१
       देहली ‘पुलिस’की ‘स्पेशल सेल’ने पृथक-पृथक राज्योंसे छह आतङ्कियोंको बन्दी बनाकर, एक बडे षड्यन्त्रको उजागर किया है । वहीं, आरोपियोंमेंसे दो आतङ्कियोंने पाकिस्तानमें प्रशिक्षण लिया था व इनके पास भारी मात्रामें विस्फोटक भी प्राप्त हुआ है । इन सभीका नियोजन भारतमें पर्वकालके समय ६ राज्योंके १५ जनपदोंमें शान्तिको भंग करनेका था । वहीं, यह बात भी उजागर हुई है कि ‘अंडरवर्ल्ड डॉन’ दाऊद इब्राहिमके भाई अनीस इनके लिए धन उपलब्ध कराता था । इस आतङ्की आक्रमणका षड्यन्त्र पाकिस्तानी गुप्तचर अभिकरण (एजेंसी) ‘आईएसआई’द्वारा रचा जा रहा था । इसमें चकित कर देनेवाली बात यह है कि यह पाकिस्तानी गुप्तचर रक्षा अनुसन्धान एवं विकास सङ्गठन ‘डीआरडीओ’में संविदापर कार्य कर रहे थे व विदेशी अभिकर्ताओंको (एजेंटोंको) गोपनीय जानकारी भी साझा करते थे तथा धन प्राप्त करते थे । इन चारों आरोपियोंको उडीसा ‘पुलिस’ने बन्दी बनाया था । इससे पूर्व चांदीपुर ‘आईटीआर’के एक संविदा छायाचित्रकार ईश्वर बहराको ‘मिसाइल डिजाइन’ व प्रौद्योगिकीसे सम्बन्धित गुप्त जानकारी पाकिस्तानकी ‘इन्टर-सर्विसेज इंटेलिजेंस’को साझा करनेके आरोपमें बन्दी बनाया गया था व उसे आजीवन कारावासका दण्ड भी दिया गया था । उल्लेखनीय है कि देहली ‘पुलिस’की ‘स्पेशल सेल’ने पाकिस्तानद्वारा संचालित आतङ्की ‘मॉड्यूल’का रहस्योद्घाटन करते हुए ६ आतङ्कियोंको बन्दी बनाया था ।
      रक्षा अनुसन्धान संगठन जैसे संस्थानमें किसी व्यक्तिको बिना जांचके कार्यपर कैसे रखा जा सकता है ? ऐसे संवेदनशील प्रकरणोंमें शासनको अत्यन्त सतर्क रहना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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