पाकिस्तानके ‘मौलाना’ खादिम रिजवीके भाषणसे प्रभावित होकर किशनकी हत्या करनेकी धर्मान्धोंकी स्वीकृति
१ फरवरी, २०२२
कर्णावती, गुजरातके धुंधका नगरमें एक युवक किशन बोलियाकी हत्याके प्रकरणमें ‘पुलिस’ने अभीतक एक ‘मौलवी’ और अन्य दो व्यक्तियोंको बन्दी बनाया है । दोषी पाकके ‘कुख्यात मौलाना’ खादिम रिजवीके भाषणसे प्रभावित हुए थे और इसीलिए उन्होंने किशन बोलियाकी हत्या कर दी । रिजवीने पाकके जिहादी संगठन ‘तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान’की स्थापना की थी । आरोपी रिजवीके भाषणोंके चित्रपट देखते थे । आरोपियोंने बताया कि जब युवकने ‘मोहम्मद पैगंबर’के विषयका चित्रपट ‘सोशल मीडिया’पर प्रसारित किया, तब उसे देखकर यह आरोपी क्रोधित हुए और उन्होंने किशनकी हत्या करनेका निर्णय किया ।
तीनोंके विषयमें आतङ्कवाद विरोधी दलने बताया कि प्रत्यक्ष हत्या करनेवाले दोनों युवकोंको एकने आक्रमण करनेके लिए सिद्ध किया था । उन्हें नियमित कट्टरवादी विचार सुनाए जाते थे । ‘मौलाना’ रिजवीके चित्रपट दिखाए जाते थे । रिजवीकी पाकमें हत्या कर दी गई है ।
धर्मान्ध, ‘मोहम्मद पैगम्बर’के चित्रपट प्रसारित करने मात्रसे हत्यातक कर देते हैं, इससे उनकी जिहादी मानसिकता स्पष्ट सामने आती है । समाजके पन्थनिरपेक्ष समुदायको अब सांप क्यों सूंघ जाता है ? हिन्दुओ, मात्र ‘पुलिस’पर निर्भर न रहकर तथा सतर्क रहते हुए अपने प्राणोंकी रक्षा हेतु संगठित एवं सज्ज रहें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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