आतंककी कमर टूटनेपर लेख लिखनेपर आया आतंकी हाफिज, समाचार पत्रमें लिखा लेख, अलापा कश्मीरका राग !


दिसम्बर २४, २०१८

इस वर्ष सेनाने २५० से अधिक आतंकियोंको मार गिराया ! भारतीय सेनाके इस अभियानके पश्चात सीमा पार कोई आतंकी बननेका साहस तक नहीं कर पा रहा है ! तो अब आतंकी हाफिज सईदने बन्दूक छोडकर कलम पकडी है और समाचार पत्रमें अपने लेख प्रकाशित करवा रहा है, परन्तु यहां भी वो युवाओंको भ्रमित कर रहा है !


अब आतंकी हाफिज केवल अपने भाषणोंकेद्वारा ही नहीं, वरन् समाचार पत्रमें लेख लिखकर भी आतंक ही फैला रहा है । पाकिस्तानके एक उर्दू समाचार पत्र ‘उर्दू डेली’में आतंकी हाफिज सईदके लेख प्रकाशित हो रहे हैं । पाकिस्तानमें सम्भवतः यह एक बहसका मुद्दा भी नहीं होगा कि कैसे एक समाचार विभाग विश्वभरमें प्रतिबन्धित आतंकीको ‘कॉन्ट्रिब्यूटर राइटर’ बताकर उसके लेख प्रकाशित करनेमें लगा है !!

पाकिस्तानके ‘उर्दू डेली’ने आतंकी हाफिज सईदके जिस लेखको प्रकाशित किया है, उसका शीर्षक है, ‘मशरिकी पाकिस्तानपर भारतकी नाजायज दखल’ अर्थात हाफिज सईद यहां पहलेके पूर्वी पाकिस्तान और अबके बांग्लादेशकी बात कर रहा है । अपने लेखमें हाफिज सईदने लिखा हैं, ‘क्यों पाकिस्तान कश्मीरी लोगोंकी पैरवीसे बच रहा है ?’ इस लेखमें एक चित्र भी है, जिसमें ढाकामें पूर्व प्रधानमन्त्री इंदिरा गांधी खडी हैं और कुछ युवा अपने हाथोंमें बंदूक लिए दिख रहे हैं !

अपने लेखमें सईदने जो लिखा है उसका भावार्थ है कि कैसे पूर्व प्रधानमन्त्री इंदिरा गांधीने पाकिस्तानको तोडनेका षडयन्त्र किया ? कैसे पाकिस्तानी शासक भारतीय सेनाके सामने विफल रहे ? बांग्लादेशके निर्माणमें भी भारतकी व्यापक भूमिका थी । साथ ही वो लेखमें बता रहा है कि पाकिस्तानके लिए कश्मीर महत्वपूर्ण क्यों है ?

इतना ही नहीं, लेखमें आग उगलते हुए उसने कहा कि पाकिस्तानको कश्मीरी लोगोंका समर्थन करना चाहिए !!

 

“पाकिस्तानके प्रधानमन्त्री हाफिजको पकडनेमें योगदानकी बाते करते हैं, परन्तु वह आतंकी तो पाकिस्तानमें खुलेमें घूम रहा है और लेख छपवा रहा है ! इससे स्पष्ट है कि पाकिस्तान आतंक समर्थित देश है और सभी देशोंने इसका प्रतिकार करना चाहिए !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : आज तक



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