पंजाबमें विस्फोटके षडयन्त्रमें लगा आतंकी राष्ट्र पाक, खालिस्तानी आतंकियोंकी सहायताके लिए बनाया आतंकी समूह !!


दिसम्बर २६, २०१८

गत माह, नवम्बर २०१८ में पंजाबके पटियालासे बन्दी बनाया गया संदिग्ध आतंकी शबनमदीप सिंहसे पुलिसद्वारा हुई पूछताछमें यह उजागर हुआ था कि वह पाकिस्तानके गुप्तचर विभागके संकेतपर पंजाबमें नूतन आतंकी समूह ‘खालिस्तान गदर फोर्स’ बनानेका षडयन्त्र कर रहा है, जिसमें उसे विदेशोंमें रह रहे खालिस्तान समर्थककी भी सहायता मिल रही है । पंजाब पुलिसके सूत्रोंके अनुसार इस प्रकरणमें वो कई बार ‘आईएसआई’के एक प्रतिनिधि जावेद खान वजीरके साथ साथ पाकिस्तानी खालिस्तानी समर्थक गोपाल सिंह चावलासे निरन्तर सम्पर्कमें था ।


पंजाब पुलिसने जब शबनमदीप सिंहको बन्दी बनाया था, तब उसके पाससे ‘खालिस्तान गदर फोर्स’से सम्बन्धित ‘लेटर पैड’ भी मिले थे । पंजाब पुलिसने शबनमदीप सिंहको बन्दी बनाए जानेको एक बडी सफलता बताया था । पाकिस्तान पंजाबमें आतंकी गतिविधियोंके षडयन्त्रमें निरन्तर लगा हुआ है । गुप्तचर विभागके एक ब्यौरेके अनुसार ‘आईएसआई’ पाकिस्तान, ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशोंमें रह रहे खालिस्तानी समर्थकोंकेद्वारा पंजाबके युवाओंको दिग्भ्रमितकर खालिस्तानीसे जोडनेके षडयन्त्रमें लगी हुई है !!

खालिस्तानी गतिविधियोंपर दृष्टि रखने वाले और केन्द्रीय सुरक्षासे जुडे एक अधिकारीके अनुसार ‘आईएसआई’ पंजाबमें नूतन आतंकी समूह बनानेके प्रयासमें लगी है । खालिस्तानी आतंकियोंसे सम्बन्धित सभी समूहोंपर गुप्तचर विभागकी निरन्तर दृष्टि रहती है, ऐसेमें नूतन आतंकी समूह कई बार हमारे विभागोंकी दृष्टिमें शीघ्र नहीं आते, जिसका लाभ ‘आईएसआई’को मिलता है ।

गुप्तचर विभागको शंका है कि पंजाबमें लघु अपराधोंमें सम्मिलित युवाओंको ‘आईएसआई’ इन आतंकी समूहोंमें जोडनेमें लगी हुई है । पंजाबमें पैसे देकर लक्ष्य निर्धारित कर हत्याका प्रयास किया जा रहा है, जिससे पंजाबमें स्थिति विकट हो सके । यही नहीं, विदेशोंमें रह रहे कुछ खालिस्तानी समर्थक पंजाबको भारतसे भिन्न करनेके षडयन्त्रके अन्तर्गत ‘रिफ्रेंडम २०२०’के नामसे योजना चला रहे हैं ! गुप्तचर विभागको शंका है कि पाकिस्तान पंजाबमें अस्थिरता उत्पन्न करनेके लिए शस्त्रोंके साथ-साथ धनसे अत्यधिक सहायता कर रहा है ।

शबनमदीप सिंहसे हुई पूछताछमें यह उजागर हुआ था कि नूतन आतंकी समूहके लिए ‘आईएसआई’ने शबनमदीप सिंहको दस लाख रूपये देनेका वचन दिया था, यद्यपि समय रहते ‘आईएसआई’का यह षडयन्त्र उजागर हो गया और शबनमदीप सिंहको पंजाब पुलिसने बन्दी बना लिया ।

गृह मन्त्रालयने सभी विभागोंसे कहा है कि वे ‘खालिस्तान गदर फोर्स’से सम्बन्धित सभी सूचनाओंको एकत्र करें और यह भी ज्ञात करें कि इस समूहसे अब तक कितने लोग जुडे हो सकते हैं और इनके पीछे कौन है ? सुरक्षासे जुडे एक अधिकारीके अनुसार खालिस्तानी आतंकियोंसे जुडे युवाओंको उन्हें अपने चलभाषमें (मोबाइलमें) विशेष प्रकारके ‘मैसेजिंग एपलीकेशन’से जुडनेको कहा जाता है, इनकी सबसे विशेष बात यह होती है कि इनसे किए गए सन्देश शीघ्र जांच विभागकी दृष्टिमें नहीं आते हैं । उन्हें ‘एपलीकेशन’के द्वारा यह तक बताया जाता है कि उन्हें शस्त्र कहांसे मिलेंगें ?

 

“धूर्त पाकिस्तान न केवल कश्मीरमें, वरन् पंजाबमें भी आतंक फैलाकर अस्थिरता उत्पन्न कर रहा है; अतः इससे पूर्व राष्ट्रपर कोई अन्य विपत्ति आए, पाकिस्तानको कडा उत्तर देनेका समय आ चुका है ! और पाकिस्तान यह दुष्कृत्य देशमें बैठे राष्ट्रद्रोहियोंकेद्वारा ही कर रहा है, यह भी स्पष्ट है तो हमें उदारीकरणकी नीतिको छोडकर पाकिस्तान व राष्ट्रद्रोहियोंके प्रति दमनकारी नीतिको ही अपनाना होगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : जी न्यूज



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution