अगस्त १९, २०१८
प्रसिद्ध पर्यावरणविद माधव गाडगिलने चेतावनी दी है कि यदि गोवा पर्यावरणको लेकर सावधान नहीं हुआ तो उसकी स्थिति बाढसे नष्ट हुए केरल जैसी हो सकती है ! गाडगिलने कहा कि कुछ अन्य राज्योंकी भांति गोवामें भी ऐसी गतिविधियां हो रही हैं, जिसका उद्देश्य केवल असीमित लाभ कमाना है ! गाडगिल कुछ वर्ष पूर्व बहसका विषय बनी पश्चिमी घाट सम्बन्धी विवरण लिखने वाली समितिके अध्यक्ष रहे हैं ।
उन्होंने केरलकी विनाशकारी बाढपर कहा, निश्चित ही सभी प्रकारकी समस्याएं पश्चिमी घाटके पर्यावरण मोर्चे पर मूल स्तरपर सामने आएंगी । वैसे तो गोवामें पश्चिमी घाट केरल जैसा बहुत ऊंचा नहीं है; लेकिन मैं पक्का हूं कि गोवा भी ऐसी समस्याओंका सामना करेगा ! गाडगिलने कहा कि पर्यावरणके सम्बन्धमें सावधान नहीं रहनेका कारण पूर्णत: लाभ केन्द्रित है । उन्होंने कहा, आपने गोवामें भी देखा है । केन्द्र शासनकी ओर से गठित न्यायमूर्ति एमबी शाह आयोगने अवैध खननसे ३५००० कोटि रुपयेके अवैध लाभका अनुमान लगाया है । उन्होंने कहा कि शासन पर्यावरण नियमोंको लागू करानेमें शिथिल रहा !
केरलमें बाढने सबकुछ तहस नहस कर दिया है । राज्यमें बाढके कारण मरने वालोंकी संख्या अब बढकर ३५७ तक पहुंच गई है ! ७ लाखसे अधिक संख्यामें लोग बचाव शिविरोंमें रह रहे हैं । आज रविवारको केरलमें लोगोंने तनिक चैनकी श्वास ली है । राज्यसे ‘रेल अलर्ट’ हटा दिया गया है । इसके पश्चात भी राज्योंमें तेज वर्षाके मध्य बचाव कार्य जारी है । राज्यके ११ प्रान्तोंमें ‘ऑरेंज’ और दोमें ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है । ‘ऑरेंज अलर्ट’ तेज वर्षाकी सम्भावनाके चलते व ‘येलो अलर्ट’ वर्षाके अनुमानके अन्तर्गत जारी किया जाता है । केरलमें बाढसे आए भीषण विनाशके मध्य देशके कई राज्योंने सहायक हाथ बढाए है ।
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
Leave a Reply