पश्चिम सिंहभूममें उर्दू विद्यालयका विलय करनेपर धर्मान्धोंका विरोध !!


जनवरी २, २०१८

झारखण्डके पश्चिम सिंहभूम जनपदके जगन्नाथपुरके मौलानगर प्राथमिक उर्दू विद्यालय और उर्दू मध्य विद्यालयके विलयका प्रखर विरोध आरम्भ हो गया है । इस प्रकरणको लेकर जगन्नाथपुर उर्दू मध्य विद्यालयमें मुसलमानोंकी एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलनकी रूपरेखा निर्धारित की जाएगी ।


उल्लेखनीय है कि १९३१ से चल रहे उर्दू मध्य विद्यालयमें २५३ छात्र पढते हैं, जिसमें अल्पसंख्यक वर्गके ही बालक शिक्षा ग्रहण करते हैं । इस विद्यालयमें पहले मदरसा चलता था, बादमें जगन्नाथपुरके अल्पसंख्यक समुदायके लोगोंने मदरसेको विद्यालयमें परिवर्तित करनेके लिए शासनको हस्तांतरित कर दिया गया ।

शासनकी नूतन शिक्षण नीतिके कारण पहले मौलानगर उर्दू प्राथिमक विद्यालयका विलय कर दिया गया और अब उर्दू मध्य विद्यालयका विलय हो रहा है । दोनों अल्पसंख्यक विद्यालयके विलयका विरोध करनेकी योजना बनाई जा रही है ।

झामुमो नेता नवाज हुसैनका कहना है कि शासन अल्पसंख्यक विद्यालयोंका विलय कर शिक्षाके स्तरको गिरानेपर लगी है, जिसका प्रखर विरोध होगा । झामुमो नेताका कहना है कि दोनों अल्पसंख्यक विद्यालयके विलयसे जगन्नाथपुरमें एक भी अल्पसंख्यक विद्यालय नहीं होगा । इससे अल्पसंख्यक छात्रोंको अपनी भाषा पढनेमें कठिनाई होगी । यदि शासन अल्पसंख्यक विद्यालय नहीं चलाना चाहती तो दानमें दी गई भूमि वापस करें, हम उसी विद्यालयमें निजी रूपसे अल्पसंख्यक चलाएंगे !

 

“ प्रत्येक बातमें समानताका अधिकार चाहनेवाले धर्मान्ध, यहां भिन्न उर्दू विद्यालय चला रहे हैं, व उसका विलय भी नहीं होने देना चाहते हैं, यह दोहरी मानसिकताको ही दर्शाता है और चूंकि उर्दू राष्ट्रभाषा नहीं है तो विद्यालयोंका विलय करना ही उत्तम है”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : जी न्यूज



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