दुष्कर्मके आरोपी मुलक्कल फ्रैंकोके चित्रवाले ‘कैलेण्डरों’को जलाया आक्रोशित लोगोंने


१६ दिसम्बर, २०२०
       केरलके ‘रोमन कैथोलिक गिरिजाघर’की दैनन्दिनीको (कैलेंडरको) जलाया गया । ‘सायरो मालाबार’ गिरिजाघरद्वारा प्रकाशित इस दिनदर्शक पत्रिकापर ‘फ्रैंको’का चित्र छापा गया था । ‘फ्रैंको’पर किसी ‘नन’के साथ दुष्कर्म करनेका कई बार आरोप लग चुका है । दुष्कर्मके आरोपके आधारपर ‘फ्रैंको’को दो वर्ष पूर्व बन्दी भी बनाया गया था और आरोप भी सिद्ध हो चुके थे; किन्तु सुनवाईके मध्य उसने अपने-आपको निर्दोष बताकर, अपना बचाव कर लिया था ।
        भडकी हुई भीडने इन ‘कैलेण्डरों’को मार्गपर जलाया । गिरिजाघरद्वारा प्रतिवर्ष लोगोंको ‘कैलेण्डर’की एक प्रति भेंटमें दी जाती है । इस दूसरे वर्षकी प्रतिमें भी मार्च माहके पृष्ठपर फ्रैंकोका चित्र सांझा किया गया है, जैसा कि पिछले वर्ष किया गया था ।
        ‘द न्यूज मिनट’के अनुसार, पिछले वर्ष भी लोगोंने इसके विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए इसकी प्रतियोंको जलाया था । इस वर्ष पुनः ऐसा हुआ । ‘एएनआई’ने भी केलेण्डर जलानेके इस समाचारकी पुष्टि की है; किन्तु गिरिजाघरका व्यक्तव्य है कि ‘फ्रैंको’पर कोई आरोप सिद्ध नहीं हो पाया है ।
       ‘स्वराज’की पत्रकार स्वाति गोयल शर्माने लिखा है, “जहां हिन्दुओंको निरन्तर दुष्कर्मका समर्थक कहकर कलङकित किया जा रहा है; क्योंकि वह कठुआमें ‘सीबीआई’ जांच चाहते हैं, वहीं एक गिरिजाघर निरन्तर दुष्कर्मके आरोपीके चित्र दिन-दर्शिकापर (कैलेण्डरपर) प्रकाशित कर रहा है ।”
         हिन्दुओंपर दुष्कर्मका आरोप बलपूर्वक सिद्ध करके, उन्हें लम्बे समयतक कारावास दिया जाता रहा है, वहीं दुष्कर्मके आरोपी ईसाइयोंको स्वतन्त्रकर, न्यायालय उन्हें हिन्दुओंका धर्मान्तरण करनेका अवसर प्रदान करता है । ऐसे अधर्मी न्यायालयोंपर विश्वास करना कठिन हो गया है । हिन्दू राष्ट्रमें इस प्रकारके अधर्मके लिए कोई स्थान नहीं होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया


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