टिकटॉक’ और ‘UC Browser’ सहित ५९ ‘चाइनीज एप्स’पर अब पूर्णतया स्थाई रूपसे प्रतिबन्ध
२६ जनवरी, २०२१
‘केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी’ (MeitY) मन्त्रालयने ‘टिकटॉक’ सहित ५९ ‘चीनी एप्स’को अधिसूचना भेजकर उन्हें भारतमें सदैवके लिए प्रतिबन्धित करनेका निर्णय लिया है । इन सभी कम्पनियोंको पिछले सप्ताह प्रश्नावली सौंपी गई थी, जिसका उन्होंने सन्तोषजनक उत्तर नहीं दिया है; इसीलिए अब ५९ ‘चीनी एप्स’पर स्थायी प्रतिबन्ध लग गया है । यद्यपि, कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है ।
‘MeitY’ने जून २०२० में ही इन ५९ ‘चीनी एप्स’को प्रतिबन्धित किया था, जिनमें ‘टिकटॉक’, ‘Alibaba’का ‘UC Browser’ और ‘Tencent’का ‘WeChat’ सम्मिलित था । उन्हें ऐसी गतिविधियोंमें संलिप्त पाया गया था, जो देशकी सम्प्रभुता और सम्पूर्णता, रक्षा, सुरक्षा और ‘पब्लिक ऑर्डर’को क्षति पहुंचानेवाली थी । इसके पश्चात ‘प्राइवेसी’ और ‘सिक्योरिटी’से सम्बन्धित प्रकरणोंको लेकर इन कम्पनियोंसे स्पष्टीकरण मांगा गया था । ‘शाओमी’के ‘MI कम्युनिटी’ सहित ‘SHAREit’, ‘Likee’ और ‘Weibo’को भी सदैवके लिए प्रतिबन्धित किया गया है । इन सभीसे उत्तर मांगा गया था कि वो भारतमें अपने कार्यके सम्बन्धमें उत्तर दें ! प्रश्नोंकी लम्बी सूचीमें ‘बिना अनुमतिके डेटा एक्सेस करने’से लेकर ‘जासूसी’के आरोपोंपर उत्तर मांगे गए थे । ‘शाओमी’ने कहा है कि वो शासनसे बात करके समस्याओंके निदानका प्रयास कर रहा है ।
भारत शासनको सीधी व स्पष्ट नीति बनानी चाहिए कि विदेशी शक्तियोंद्वारा भारतमें जो भी ‘एप्प’को प्रसारित करते हैं उनपर भारतीय सुरक्षा जांच एवं ‘साइबर अपराध प्रकोष्ठ’का पूर्णतः नियन्त्रण होना चाहिए । यह मांग सभी राष्ट्रवादियोंको करनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply