पीलीभीतमें धर्मान्धपर रंग डालनेपर जिहादियोंने किया साम्प्रदायिक उपद्रव, एक हिन्दूकी मृत्यु !!


मार्च २२, २०१९

 

जहानाबादके कुकरीखेडा गांवमें गुरुवार, २१ मार्चको होली खेलनेको लेकर दो समुदायोंके मध्य मारपीट हुई और पथराव हुआ, इसमें एकके प्राण चले गए और पांच लोग चोटिल हो गए !!

कुकरीखेडा गांवमें होलीके दिवस प्रातःकाल ९.३० बजे लोग ढोल बजाकर होली खेलते दूसरे समुदायकी बस्तीकी ओर पहुंचे । धर्मान्धों लोगों ने इसे नई परम्परा बताकर विरोध किया । इसपर दोनों पक्षोंके मध्य कहासुनीके पश्चात मारपीट हो गई और फिर पथराव हुआ । होली खेल रहे लोगोंका आरोप है कि आक्रमण दूसरे पक्षके लोगोंने किया । इसमें जयप्रकाश (४५), सुभाष, राजऋषि, पिंटू और छेदालाल चोटिल हो गए । सूचना मिलनेपर आला अधिकारी पुलिस बलके साथ वहांपर पहुंचे ।

पथरावमें चोटिल जयप्रकाशकीमें शुक्रवार प्रातःकाल उनकी मृत्यु हो गई । घटनाके पश्चात गांवमें तनाव है । डीएम-एसपी सहित कई अधिकारी पुलिस-पीएसी और पैरामिलिट्रीके साथ गांवमें डेरा जमाए हैं । इस घटनाके पश्चात आरोपी पक्षके लोग अपने घरोंमें ताला डालकर चले गए हैं । जयप्रकाशके भतीजे गुड्डूकी ओरसे पांच व्यक्तियोंके विरुद्घ हत्या और प्राणघातक आक्रमणकी प्राथमिकी प्रविष्ट कराई गई है । इनमें दो आरोपी साबिर और शाकिरको पुलिसने बन्दी बना लिया है ।

 

“मूढ हिन्दू भाईचारा दिखानेके लिए धर्मान्धोंकी ओर गए थे, जिसका परिणाम उनके समक्ष आया और धर्मान्धोंने एकको मार दिया और शेषको पीट दिया !! जिन हिन्दुओंको लगता है कि धर्मान्ध भाईचारा करेगा तो यह प्रकरण नेत्र खोलकर देखें । होलीका रंग डालने भरसे धर्मान्ध इतना पागल हुए कि हिन्दुओंको ही पीटने लगे और विचित्र है कि देशके समाचार माध्यम इसपर मौन है; क्योंकि मृतक हिन्दू है और उपद्रवी जिहादी हैं, हां यदि घटना गुरुग्रामकी भांति होती जिसमें क्रिकेटके खेलपर हुए विवादको मीडियाने साम्प्रदायिक रंग देकर अत्यधिक भुनाया, जिसमें धर्मान्धोंको पीडित दिखाया गया, यदि कुछ ऐसा ही रहता तो सम्भवतः हमारे मीडिया इसे भी दिखाते ! सर्फ एक्सल जैसे जिहादी विज्ञापन बनानेवाली कम्पनियां तनिक इस खूनी रंगपर भी विज्ञापन बनाए और सत्य दिखाएं ! हिन्दुओ ! समय रहते कुम्भकरणी निद्रा और इस धर्मनिरपेक्षताके नशेसे बाहर आ जाए, यही इस राष्ट्रके लिए उचित होगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution